कांग्रेस में सुलह के संकेत, पंजाब नेताओं ने दिल्ली में की बैठक

HIGHLIGHTS
- दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई, जिससे अंदरूनी मतभेदों के बीच बातचीत के संकेत मिले।
- चन्नी, वड़िंग और रंधावा ने संगठन और नेतृत्व को लेकर चर्चा की।
- भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के बीच चुनाव से पहले पार्टी में एकजुटता की कोशिश तेज हुई।
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में पिछले कई महीनों से जारी अंदरूनी खींचतान के बीच दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा एक साथ बैठक में शामिल हुए।
पार्टी के भीतर इस मुलाकात को केवल सामान्य बैठक नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे लंबे समय से चल रहे मतभेदों के बीच बातचीत की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
कुछ समय पहले तक चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे। चन्नी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें एक व्यंग्यात्मक गीत के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की गई थी। उस वीडियो की राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी और इसे कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा गया था। ऐसे में दोनों नेताओं का अब एक साथ बैठना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
संवाद की शुरुआत को माना जा रहा अहम
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के आवास पर हुई बैठक में पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व और संगठन की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई।
सूत्रों का कहना है कि चन्नी और रंधावा ने राजा वड़िंग के सामने संगठन को मजबूत करने के लिए नेतृत्व में बदलाव की संभावना पर भी अपनी राय रखी। हालांकि, बैठक में किसी अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बनी, लेकिन नेताओं के बीच बातचीत शुरू होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में भी उठा था नेतृत्व का मुद्दा
बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में हुई बैठक में भी पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर चर्चा हुई थी।
लगातार हो रही बैठकों से संकेत मिल रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब इकाई में सभी नेताओं को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रहा है।
भूपेश बघेल कर रहे हैं नेताओं से मुलाकात
इस बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल दो दिवसीय दौरे पर चंडीगढ़ पहुंचे हैं। वह प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
उनका दौरा केवल संगठन की समीक्षा तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को कम करने और चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
दिल्ली में हुई बैठक और चंडीगढ़ में जारी राजनीतिक गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि पंजाब कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठन को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सबसे बड़ा संदेश यह है कि लंबे समय से अलग-अलग रुख रखने वाले नेता अब बातचीत के रास्ते पर लौटते नजर आ रहे हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.