नवसारी में भारी बारिश से हालात बिगड़े, 155 रास्ते बंद; स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी

HIGHLIGHTS
- नवसारी में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 155 रास्ते यातायात के लिए बंद किए गए।
- वांसदा में तेज बहाव में कार बही, कार सवार व्यक्ति को सुरक्षित बचाया गया।
- सुरक्षा के चलते जिले के सभी स्कूल, कॉलेज और आईटीआई में छुट्टी घोषित की गई।
नवसारी। गुजरात के नवसारी जिले में मूसलाधार बारिश के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। मौसम विभाग की ओर से सूरत और नवसारी के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किए जाने के बाद बुधवार सुबह से ही जिले में सामान्य जनजीवन प्रभावित है। भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं।
तेज बहाव में बही कार, चालक सुरक्षित बचा
वांसदा तालुका के बोपी-मोलाआंबा कॉजवे पर एक बड़ा हादसा टल गया। पानी के तेज बहाव के बावजूद एक इको कार चालक ने कॉजवे पार करने की कोशिश की, लेकिन कार पानी की लहरों में बह गई।
राहत की बात यह रही कि कार में मौजूद एकमात्र व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले रास्तों पर खतरा उठाकर सफर न करें।
बारिश के कारण 155 मार्ग बंद
भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के चलते जिले के 155 प्रमुख मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, इनमें चिखली तालुका के 44, गंडेवी के 30, वांसदा के 29, नवसारी के 21, जलालापुर के 17 और खेरगाम के 14 मार्ग शामिल हैं।
इनमें से 153 रास्ते कॉजवे पर पानी आने के कारण बंद किए गए हैं। गंडेवी के अजराई गांव और वांसदा के मोलाआंबा-धरामपुर मार्ग पर पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं, ताकि लोग प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें।
स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नवसारी कलेक्टर ने 22 जुलाई 2026, बुधवार को जिले की सभी आंगनबाड़ियों, स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई में अवकाश घोषित कर दिया है।
हालांकि, शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश
पिछले 24 घंटों में गुजरात की 173 तहसीलों में भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश वलसाड के कपराडा में 15.63 इंच हुई। इसके अलावा वलसाड के नानापोंढा में 11 इंच, चिखली में 10 इंच, पारडी और वांसदा में 9-9 इंच, वलसाड और खेरगाम में 8-8 इंच तथा वापी-वघई में 7-7 इंच बारिश दर्ज की गई।
जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जलस्तर कम होने के बाद सड़कों की सुरक्षा जांच कर उन्हें दोबारा खोलने का फैसला लिया जाएगा। तब तक लोगों को बैरिकेडिंग और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।



















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