सुमित रॉय को कोलकाता पुलिस का समन, टीएमसी कार्यालय में झड़प से जुड़ा मामला

HIGHLIGHTS
- सोमवार दोपहर शेक्सपियर सारणी थाने में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
- 27 अगस्त को टीएमसी कार्यालय में बिलबोर्ड हटाने को लेकर विवाद हुआ था।
- पुलिस के अनुसार, मामले में दो एफआईआर दर्ज हैं।
कोलकाता पुलिस ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय को समन जारी किया है। यह मामला 27 अगस्त को पार्टी कार्यालय में हुई झड़प से संबंधित है। विवाद टीएमसी के साइन बोर्ड लगे एक बिलबोर्ड को हटाने को लेकर हुआ था। पुलिस ने रॉय को सोमवार दोपहर जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने के लिए कहा है। शनिवार शाम न्यू अलीपुर स्थित उनके आवास पर समन पहुंचाया गया।
पुलिस को सुमित रॉय से क्या जानना है?
पुलिस अधिकारी के अनुसार, जांच के लिए सुमित रॉय का बयान दर्ज करना जरूरी है। इसी के चलते उन्हें सोमवार को शेक्सपियर सारणी थाने के जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया है। इससे पहले पुलिस इस घटना को लेकर अभिषेक बनर्जी और टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन से पूछताछ कर चुकी है।
यहां समझें मामला
- समन क्यों? जांच के तहत सुमित रॉय का बयान दर्ज किया जाना है।
- कब बुलाया? सोमवार दोपहर पुलिस अधिकारियों के सामने पेश होना है।
- समन कहां पहुंचा? शनिवार शाम न्यू अलीपुर स्थित आवास पर नोटिस दिया गया।
- पहले किससे पूछताछ हुई? पुलिस अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन से पूछताछ कर चुकी है।
इस मामले में अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप हैं?
पुलिस के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी को दो एफआईआर में आरोपी बनाया गया है। इन मामलों में डेरेक ओ'ब्रायन और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर समेत कई अन्य लोगों के नाम भी दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपों में सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकना, गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाना, मारपीट और महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार शामिल हैं। अब तक दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी आरोपी हैं। डेरेक ओ'ब्रायन और हुमायूं कबीर के नाम भी मामलों में शामिल हैं। इस मामले में कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपों में सरकारी काम में बाधा डालना और मारपीट करना भी शामिल है।
आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ था?
यह विवाद कैमक स्ट्रीट स्थित एक इमारत से जुड़े बिलबोर्ड को लेकर शुरू हुआ था। इमारत की ऊपरी मंजिल पर सड़क की तरफ लोहे के ढांचे में टीएमसी के साइन वाला बिलबोर्ड लगाया गया था। पुलिस के जबरन अंदर जाने के बाद कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों ने इस ढांचे को हटा दिया। इसी दौरान पार्टी कार्यालय में झड़प की स्थिति पैदा हो गई और मामला पुलिस तक पहुंचा।
टीएमसी ने पुलिस की कार्रवाई पर क्या कहा?
डेरेक ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक 'गैरकानूनी' नोटिस लेकर पार्टी कार्यालय में दाखिल हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों तथा कार्यालय कर्मचारियों को परेशान किया। ओ'ब्रायन ने निजी सुरक्षा गार्डों की ओर से विरोध किए जाने की खबरों को भी 'फर्जी खबर' बताया था।
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