'पाकिस्तान भविष्य में भी बना रहेगा खतरा', पूर्व CDS अनिल चौहान बोले- सर्तक रहना होगा

HIGHLIGHTS
- पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच सात अगस्त को सुरक्षा समझौता हुआ था।
- समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
- पूर्व सीडीएस ने पाकिस्तान के हालिया रुख पर चिंता जताई है।
नई दिल्ली। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच सुरक्षा समझौते के करीब एक महीने बाद पूर्व सीडीएस अनिल चौहान ने कहा है कि इस तरह के समझौते से पाकिस्तान में अति आत्मविश्वास बढ़ सकता है। इसका असर आने वाले समय में उसकी गतिविधियों में नजर आ सकता है। ऐसे में भारत को पाकिस्तान और उसके संरक्षण में सक्रिय आतंकी संगठनों को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।
भारत की सुरक्षा के सामने खतरे और चुनौतियों पर आयोजित एक व्याख्यान में तीनों सेनाओं के पूर्व प्रमुख चौहान ने कहा कि आने वाले समय में पाकिस्तान भारत के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।
पाकिस्तान में बढ़ा अति आत्मविश्वास: पूर्व सीडीएस
सीडीएस चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, सिंधु जल समझौते को निलंबित करने और कुछ अन्य व्यावहारिक कदम उठाए जाने के बाद यह उम्मीद बनी थी कि पाकिस्तान के व्यवहार में बदलाव आएगा। हालांकि, हाल में हुए समझौते के बाद पाकिस्तान में अति आत्मविश्वास की स्थिति बनी है। इसके परिणाम निकट भविष्य में देखने को मिल सकते हैं। इसलिए भारत को सतर्क रहना होगा।
सऊदी और तुर्किए के साथ पाकिस्तान का सुरक्षा समझौता
गौरतलब है कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच सुरक्षा समझौता गत सात अगस्त को हुआ था। समझौते के तहत किसी एक देश पर होने वाले हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और सभी तीनों देश मिलकर उसका जवाब देंगे।
पूर्व सीडीएस चौहान ने कहा कि चीन लंबे समय से भारत के लिए चुनौती बना हुआ है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद भी काफी पुराना है। हालांकि, वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर दोनों देशों के बीच समझौता लागू है। ऐसे में केवल सीमा विवाद के आधार पर चीन के साथ संबंध खराब नहीं किए जा सकते हैं।
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