बच्चों ने कहा- साहब, अंधेरे में डर लगता है, डीएम ने सुनी बात और रातोंरात लगवा दी स्ट्रीट लाइट

HIGHLIGHTS
- ग्राम पंचायत बसैत में बिजली के खंभे होने के बावजूद स्ट्रीट लाइट नहीं लगी थी।
- शाम के बाद अंधेरा होने से बच्चों को जहरीले जीव-जंतुओं का डर रहता था।
- बच्चों की अपील का वीडियो अमर उजाला टीवी पर वायरल हुआ था।
यूपी के मैनपुरी जिले के विकासखंड किशनी की ग्राम पंचायत बसैत में गांव की गलियों में छाए अंधेरे को लेकर मासूम बच्चों की भावुक अपील सामने आई थी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने खबर का संज्ञान लिया। बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी से गांव की गलियों में स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग की थी। अमर उजाला टीवी पर बच्चों की अपील का वीडियो वायरल होने के बाद रातोंरात गांव में स्ट्रीट लाइट लगवा दी गई।
बच्चों ने की थी ये अपील
वायरल वीडियो में बच्चों ने बताया था कि गांव की गलियों में बिजली के खंभे मौजूद हैं, लेकिन उन पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। शाम होते ही गलियों में अंधेरा हो जाता है। अंधेरे के कारण बच्चों को सांप-बिच्छू और जहरीले कीड़े-मकौड़ों का डर रहता है। रात के समय ग्रामीणों को भी आने-जाने में परेशानी होती है।
तत्काल दिए थे कार्रवाई के निर्देश
वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लिया और खंड विकास अधिकारी किशनी अनिल कुमार सिंह को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार रात ही एडीओ पंचायत मनोज प्रभाकर गांव बसैत पहुंचे। उन्होंने बच्चों की मांग के अनुसार स्ट्रीट लाइट की उचित व्यवस्था कराई।
गांव की गलियां हुईं रोशन
गलियों में रोशनी होने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। इसके बाद समाधान दिवस के दौरान बच्चे जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे और उन्हें भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा की तस्वीर भेंट की। बच्चों की इस आत्मीयता से जिलाधिकारी भी प्रसन्न नजर आए। उन्होंने बच्चों को टॉफी खिलाई और उनसे पहाड़े भी पूछे। बच्चों ने संतोषजनक जवाब दिए, जिसके बाद जिलाधिकारी ने उनकी पीठ थपथपाकर शाबाशी दी।
प्रयास लाई रंग
मासूम बच्चों की छोटी-सी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होने से ग्रामीण भी खुश हैं। बच्चों की पहल से गांव में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत सामने आई और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की उनकी कोशिश भी सफल रही।
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