डॉक्टर से मारपीट के बाद ठाणे अस्पताल के 2 चिकित्सकों ने छोड़ी नौकरी, सुरक्षा पर उठे सवाल

HIGHLIGHTS
- ठाणे के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों से कथित मारपीट के बाद दो चिकित्सकों ने सुरक्षा कारणों से इस्तीफा दे दिया।
- एनआईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं होने पर बच्चे को रेफर करने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद हंगामे और मारपीट का आरोप लगा।
- पुलिस ने शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के शास्त्री नगर अस्पताल में कथित मारपीट की घटना के बाद दो डॉक्टरों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। अस्पताल प्रशासन ने भी दोनों चिकित्सकों के इस्तीफे की पुष्टि की है।
पीड़ित डॉक्टरों का कहना है कि घटना के बाद अस्पताल में काम करने को लेकर डर का माहौल बन गया है। एक डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा कारणों से इस्तीफा दिया है और फिलहाल शहर छोड़ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार खतरा महसूस हो रहा है और ऐसी स्थिति में दोबारा अस्पताल लौटना उनके लिए संभव नहीं है।
वायरल वीडियो के बाद मामला गरमाया
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। वीडियो में शिवसेना के स्थानीय कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे द्वारा एक डॉक्टर के साथ कथित मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि डॉक्टर को थप्पड़ और घूंसे मारे गए तथा सिर पर रजिस्टर से हमला किया गया। महिला डॉक्टर के साथ भी कथित दुर्व्यवहार की बात सामने आई है।
घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ में नाराजगी फैल गई। कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल जैसी जगह पर चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है।
एनआईसीयू में बेड नहीं मिलने से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के एनआईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं था। ऐसे में मेडिकल ऑफिसर डॉ. वैभव सालुंखे और रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. सृष्टि बाविस्कर ने नवजात बच्चे को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह दी थी।
आरोप है कि इसी बात से नाराज बच्चे के परिजनों ने स्थानीय कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को बुलाया। इसके बाद वह अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से विवाद हुआ, जो बाद में मारपीट में बदल गया। घटना में डॉ. सालुंखे के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने की कार्रवाई
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
केडीएमसी की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपा शुक्ला के मुताबिक, दोनों डॉक्टर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से नियुक्त थे और उन्होंने अपना इस्तीफा एजेंसी को सौंप दिया है। वहीं, डॉक्टरों के सहकर्मियों का कहना है कि इस घटना से पूरे मेडिकल स्टाफ में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
डॉक्टरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
मेडिकल संगठनों और अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है, ताकि वे बिना दबाव के मरीजों का इलाज कर सकें। इस घटना ने अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
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