त्रिशा टिप्पणी मामले में 90 मिनट की पूछताछ के बाद बाहर आए उदयनिधि स्टालिन, समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत
By Hitesh — August 4, 2026

HIGHLIGHTS
- मद्रास हाईकोर्ट ने पूछताछ पूरी होने के बाद तत्काल रिहाई के निर्देश दिए।
- सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता समर्थन में जुटे।
- महिला विंग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नौ धाराओं में मामला दर्ज किया।
Author: — Dainik Dehat
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को अभिनेत्री त्रिशा से जुड़ी कथित दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया।
हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें स्टेशन बेल पर रिहा कर दिया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान राज्य में राजनीतिक हलचल तेज रही। डीएमके कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए, जबकि सत्तारूढ़ टीवीके सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा।
पूछताछ के बाद पुलिस स्टेशन से निकले उदयनिधि
उदयनिधि स्टालिन से तंजावुर के सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन में कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद जब वह पुलिस स्टेशन से बाहर निकले तो बड़ी संख्या में मौजूद डीएमके कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और समर्थन में नारे लगाए।
उदयनिधि ने भी समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया और हाथ हिलाकर उनका धन्यवाद किया। इससे पहले उन्हें चेन्नई से पूछताछ के लिए तंजावुर लाया गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस को जांच पूरी होने के बाद उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया था। साथ ही जरूरत पड़ने पर जांच में सहयोग करने को भी कहा था।
सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर जुटे समर्थक
तंजावुर जिले के सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उदयनिधि स्टालिन ने पुलिस वाहन से उतरकर बाहर मौजूद समर्थकों का अभिवादन किया। इसके बाद वह पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन के अंदर गए। इस दौरान बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र होकर उनके समर्थन में नारेबाजी करते रहे।
क्या है पूरा मामला?
तमिलनाडु में विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले तंजावुर पुलिस ने पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को उनके चेन्नई स्थित आवास से गिरफ्तार किया।
उन पर आरोप है कि कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने अभिनेत्री त्रिशा के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की थी। गिरफ्तारी के विरोध में डीएमके कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन और सड़क जाम किए।
बताया गया कि तंजावुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ अभिनेत्री का नाम ले रही थी, जिसके बाद उदयनिधि ने कथित विवादित टिप्पणी की। सत्तारूढ़ दल की महिला विंग की शिकायत पर पुलिस ने महिलाओं के अपमान, मानहानि और डराने-धमकाने सहित नौ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
टीवीके की तंजावुर सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट महिला विंग की आयोजक एस. बैरवी ने तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीन अगस्त को कावेरी मुद्दे पर आयोजित सभा के दौरान भीड़ द्वारा "त्रिशा, त्रिशा" के नारे लगाए जाने पर उदयनिधि ने अश्लील और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उदयनिधि और डीएमके आईटी विंग के पदाधिकारियों ने घटना का दो मिनट 39 सेकंड का वीडियो जानबूझकर सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रसारित किया, जिससे अभिनेत्री और महिलाओं को मानसिक पीड़ा पहुंची। इसके अलावा टीवीके के राष्ट्रीय प्रवक्ता पाझा सेल्वाकुमार ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग में भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
डीएमके ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उदयनिधि के भाषण को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है।
मामले में डीएमके ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पुलिस उदयनिधि को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजना चाहती। इसके बाद हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पूछताछ के बाद उन्हें उसी दिन जमानत पर रिहा किया जाए और बुधवार को उनसे कोई पूछताछ न की जाए। अदालत के इस आदेश के बाद तत्काल तनाव कुछ कम हुआ, लेकिन इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा दिया।
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