यूपी: 36 जिलों में टीजीटी परीक्षा शुरू, करीब 50 फीसदी अभ्यर्थी उपस्थित

HIGHLIGHTS
- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) 2022 भर्ती परीक्षा बुधवार से प्रदेशभर में शुरू हो गई।
- परीक्षा का आयोजन 36 जिलों में बनाए गए केंद्रों पर किया जा रहा है और यह दो दिन यानी 3 और 4 जून को दो-दो पालियों में संपन्न होगी।
- सख्त निगरानी में परीक्षा प्रक्रिया इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है।
- एआई आधारित एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर से सभी परीक्षा केंद्रों की रियल-टाइम निगरानी की…
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) 2022 भर्ती परीक्षा बुधवार से प्रदेशभर में शुरू हो गई। परीक्षा का आयोजन 36 जिलों में बनाए गए केंद्रों पर किया जा रहा है और यह दो दिन यानी 3 और 4 जून को दो-दो पालियों में संपन्न होगी।
सख्त निगरानी में परीक्षा प्रक्रिया
इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल-मुक्त बनाने के लिए हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है। एआई आधारित एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर से सभी परीक्षा केंद्रों की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। इसके अलावा एसटीएफ की टीमें भी अलर्ट मोड पर तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
सुबह से केंद्रों पर उमड़ी भीड़
परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सघन जांच और तलाशी के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। इस भर्ती परीक्षा में करीब 8,68,531 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, जो चार साल बाद आयोजित की जा रही टीजीटी परीक्षा को और महत्वपूर्ण बनाता है।
दो पालियों में परीक्षा
परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की जा रही है। यह प्रक्रिया प्रयागराज सहित प्रदेश के 36 जिलों में फैले 614 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हो रही है।
बायोमैट्रिक से हो रही निगरानी
परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति और सत्यापन की प्रक्रिया को कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटर किया जा रहा है। इसका रिकॉर्ड सीधे आयोग कार्यालय में उपलब्ध रहेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा सके।
तुरंत कार्रवाई के लिए कंट्रोल सिस्टम सक्रिय
आयोग के अनुसार, किसी भी तरह की अनियमितता की स्थिति में कंट्रोल रूम से तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
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