आतंकी जफर के मोबाइल से मिले अहम सुराग, मेरठ समेत 4 जिलों के युवाओं का बनाया था WhatsApp ग्रुप

HIGHLIGHTS
- एटीएस ने जफर के फेसबुक और वाट्सएप अकाउंट का रिकॉर्ड खंगाला
- बुलंदशहर में रहने वाले जफर के बहनोई पर भी नजर
- मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और बुलंदशहर के युवकों से जुड़े ग्रुप की जांच
मेरठ। पाकिस्तानी आतंकियों को देश में शेल्टर देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद ने आतंकी जफर को तैयार किया था। उसे पाकिस्तान भी बुलाया जा रहा था, ताकि वहां ट्रेनिंग देकर उसे तैयार किया जा सके। एटीएस की टीम जनपद के अन्य मदरसों में पढ़ रहे छात्रों की भी जांच करेगी।
एटीएस ने जफर के फेसबुक और वाट्सएप अकाउंट का पूरा रिकॉर्ड भी निकाल लिया है। बुलंदशहर में रहने वाले जफर के बहनोई पर भी नजर रखी जा रही है। रविवार को एटीएस ने बिहार के पूर्णिया जिले के आतंकी मोहम्मद जफर को कोतवाली थाना क्षेत्र की एक मस्जिद से गिरफ्तार किया था। वह एक महीने पहले ही बिहार से मेरठ आया था।
जफर मस्जिद के नाम पर चंदा एकत्र कर जैश-ए-मोहम्मद को भेज रहा था, ताकि भारत में जिहाद किया जा सके। उसके पास मिली एक किताब में मसूद अजहर के तिहाड़ जेल में रहने का जिक्र है। बताया गया कि वर्ष 1999 में तिहाड़ जेल से मसूद अजहर समेत तीन आतंकियों को कंधार हाईजैक के दौरान छोड़ना पड़ा था।
मसूद अजहर के किस्सों को पढ़कर जफर काफी प्रभावित था। वह भी मुजाहिद बनकर जिहाद फैलाना चाहता था। जफर वर्ष 2017 में पढ़ाई के लिए मेरठ आया था। कोतवाली थाना क्षेत्र के मदरसे से पढ़ाई करते हुए वह फेल भी हो गया था। इसके बाद जफर मेरठ से बिहार लौट गया था। वर्ष 2022 में वह दोबारा मेरठ आया और मस्जिद में रहने लगा। बाद में हापुड़ की शेरपुर स्थित मस्जिद का इमाम बन गया।
तभी से वह जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आ गया था। हालांकि, पढ़ाई के दौरान ही वह जैश-ए-मोहम्मद का साहित्य पढ़ता था। जफर के मोबाइल से एटीएस ने काफी साक्ष्य बरामद किए हैं। उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी एटीएस को जानकारी मिली है।
इसी के आधार पर एटीएस की टीम काम कर रही है। उम्मीद है कि जफर से जुड़े अन्य युवकों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। जफर ने मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और बुलंदशहर के युवकों का वाट्सएप ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप से जुड़े युवकों के बारे में जानकारी की जा रही है।
जफर की गिरफ्तारी के बाद मदरसों के सत्यापन की मांग
अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा है कि मेरठ से आतंकी गतिविधियों में संलिप्त जफर की गिरफ्तारी में अगर मदरसा दारुल उलूम की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सचिन ने मदरसों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पुलिस सत्यापन कराने की भी अपील की, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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