ईरान के मिसाइल सिस्टम तेजी से नष्ट कर रही अमेरिकी सेना: ट्रंप

पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक राउंडटेबल चर्चा के दौरान मौजूदा हालात पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का जिक्र करते हुए अमेरिकी सेना के प्रदर्शन की सराहना की। ट्रंप ने कहा कि इस अभियान में अमेरिकी बल उम्मीद से बेहतर काम कर रहे हैं और उन्होंने इसे 10 में से 15 अंक देने लायक बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार अमेरिकी सेना ईरान के मिसाइल सिस्टम और लॉन्चर को तेजी से निशाना बना रही है। उनका कहना था कि संघर्ष के शुरुआती दिनों में सेना ने काफी प्रभावी कार्रवाई की है। इस दौरान उन्होंने अमेरिका की सैन्य ताकत पर भरोसा जताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं में से एक है और ईरान के खिलाफ अमेरिका मजबूत स्थिति में है।
ओबामा के परमाणु समझौते की आलोचना
अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते की भी आलोचना की। उन्होंने इसे अब तक का सबसे खराब समझौता करार देते हुए कहा कि इससे ईरान को काफी फायदा हुआ। ट्रंप का दावा था कि उस समझौते ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने का रास्ता आसान कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कई दशकों से अमेरिका के लिए खतरा बना हुआ है और इस दौरान कई अमेरिकी नागरिकों की जान जा चुकी है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कट्टरपंथी ताकतों के पास परमाणु हथियार पहुंचते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
एआई और ऊर्जा खपत पर भी जताई चिंता
राउंडटेबल बैठक में ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उससे जुड़ी ऊर्जा जरूरतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एआई डेटा सेंटरों और बड़े उद्योगों के विस्तार के कारण भविष्य में अमेरिका में बिजली की मांग तीन गुना तक बढ़ सकती है, जिससे ऊर्जा लागत बढ़ने की आशंका है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि कई विदेशी कंपनियां—जैसे कनाडा, मेक्सिको, जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया से—अमेरिका में निवेश कर रही हैं और यहां कारों तथा चिप्स का उत्पादन दोबारा शुरू हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कंपनी अमेरिका से बाहर उत्पादन करके यहां अपने उत्पाद बेचना चाहेगी तो उस पर 100 से 300 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
वेनेजुएला के साथ सहयोग का जिक्र
अपने संबोधन में ट्रंप ने वेनेजुएला के साथ ऊर्जा सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां तेल उत्पादन फिर से बढ़ रहा है, जिससे दोनों देशों को लाभ हो सकता है। ट्रंप ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के काम की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ उनका सहयोग सकारात्मक रहा है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष की स्थिति
पश्चिम एशिया में हालात उस समय और गंभीर हो गए जब 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई शहरों में हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कुछ वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबर सामने आई।
इसके जवाब में ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला किया, जिसमें अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्र में मौजूद सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन घटनाओं के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है, जिससे आम नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।
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