राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, उत्तराखंड कैबिनेट ने दी मंजूरी

HIGHLIGHTS
- कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
- पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड पर भी फैसला हुआ।
- हरिद्वार में 300 करोड़ रुपये की लागत से ईएसआइ अस्पताल बनाने को स्वीकृति मिली।
- सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 243 पदक विजेता खिलाड़ियों को छह विभागों में आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
इन नियुक्तियों के लिए संबंधित विभागों में 180 नए पद सृजित किए गए हैं, जबकि बाकी पद पहले से ही सृजित हैं। कैबिनेट बैठक में इसके अलावा प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं दे रहे इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड को बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया।
शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। खेल विभाग की ओर से राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को सरकारी सेवाओं में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके तहत खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग को शामिल किया गया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेजों में तैनात इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड को 17 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट ने स्टाइपेंड को 25 हजार रुपये करने पर सहमति दी। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न चिकित्सक आंदोलन भी कर रहे थे।
इस साल के अंत तक हरिद्वार में शुरू होगा ईएसआइ अस्पताल
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। हरिद्वार में 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ईएसआइ अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। अस्पताल के निर्माण के लिए हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की 12.5 एकड़ जमीन देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है।
सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
प्रदेश में उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, नैनीताल और उत्तराखंड राज्य के अधीनस्थ कार्यालयों में आबद्ध सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क में बढ़ोतरी को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अब उन्हें पहले मिल रहे शुल्क की तुलना में 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क दिया जाएगा।
सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समिति ने तैयार किया था।
ये फैसले भी लिए गए
- उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान प्रवर्तन संशोधन नियमावली को मंजूरी दी गई।
- शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 नए पद सृजित करने को स्वीकृति दी गई।
- गढ़वाल सभा मसूरी को भवन निर्माण के लिए 972 गज भूमि लीज पर देने का फैसला लिया गया।
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