सोने-चांदी की कीमतों में अचानक भारी गिरावट, MCX पर धड़ाम हुए दाम

HIGHLIGHTS
- अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का निचला स्तर 1,51,400 रुपये रहा
- कारोबार के दौरान सोने ने 1,54,450 रुपये का हाई बनाया
- चांदी का दिन का निचला भाव 2,33,581 रुपये प्रति किलो रहा
नई दिल्ली। गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे सोने और चांदी के दामों में अचानक तेज गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल मार्केट के साथ घरेलू बाजार में भी इसका असर देखने को मिला। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमत में 2,364 रुपये की गिरावट आई। इसके बाद अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 1,51,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया, जो इसका दिन का निचला स्तर भी रहा। कारोबार के दौरान सोने ने 1,54,450 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ। इससे पहले इसका क्लोजिंग प्राइस 1,53,763 रुपये था।
दूसरी ओर, चांदी में इससे भी ज्यादा गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 4 फीसदी से अधिक टूट गई और 10,632 रुपये की गिरावट के साथ 2,33,581 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह इसका दिन का निचला स्तर भी रहा। कारोबार के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर 2,44,300 रुपये रहा, जबकि पिछले दिन यह 2,44,213 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
क्यों गिरे सोने और चांदी के दाम?
इस तेज गिरावट के पीछे कई प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। आरमनी की सीनियर रिसर्च मैनेजर मौमिता सामंता के मुताबिक, बाजार में महंगाई के नए आंकड़े आने वाले हैं। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध भी लगातार गंभीर होता जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। महंगे तेल से बाजार में एक बार फिर महंगाई बढ़ने की चिंता पैदा हो गई है। यह स्थिति युद्ध की शुरुआत के समय बने माहौल जैसी है। उस समय भी सोने और चांदी की कीमतों में लाइफटाइम हाई से तेज गिरावट देखने को मिली थी।
बुलियन मार्केट पर बढ़ सकता है दबाव
कोटक सिक्योरिटीज की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने बताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले को लेकर निवेशक काफी सतर्क हैं। गुरुवार को सोने की कीमत 4,400 डॉलर और चांदी 66.5 डॉलर से नीचे चली गई।
उन्होंने कहा कि बाजार की नजर गुरुवार को जारी होने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और शुक्रवार को आने वाली कंज्यूमर प्राइस रिपोर्ट (CPI) पर है। अभी ब्याज दरें बढ़ने की संभावना करीब 60 प्रतिशत है। ऐसे में अगर आंकड़े मजबूत आते हैं तो बुलियन मार्केट पर दबाव और बढ़ सकता है।
हालांकि, इस समय ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव और डॉलर की चाल भी सोने-चांदी की कीमतों की दिशा को प्रभावित कर रही है। इसके चलते फिलहाल दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
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