मुजफ्फरनगर के खादर में जलभराव से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी, दो किलोमीटर तक रास्ते डूबे

HIGHLIGHTS
- राजकल्लापुर, रामनगर और पंचाली समेत कई गांव प्रभावित हैं।
- करीब दो किलोमीटर तक रास्ते पानी में डूबे हुए हैं।
- रोजमर्रा के कामों के लिए ग्रामीण नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी के खादर क्षेत्र में पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। राजकल्लापुर, रामनगर और पंचाली सहित कई गांवों में करीब दो किलोमीटर तक रास्ते पानी में डूबे हुए हैं।
जलभराव के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। काफी समय से पानी जमा होने के चलते ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
जलभराव का सबसे अधिक असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मीडिया से बातचीत में ग्रामीणों ने बताया कि स्कूलों के आसपास पानी और कीचड़ जमा होने की वजह से करीब तीन महीने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से बच्चों के भविष्य पर भी असर पड़ रहा है।
वहीं, खेतों में पानी भरने से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। खादर क्षेत्र के कई खेत पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। धान सहित कई फसलें लंबे समय तक पानी में रहने के कारण खराब हो गई हैं। किसानों के मुताबिक, महीनों से खेतों में पानी भरा होने के कारण उनकी मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो गई हैं।
फसल खराब होने से परेशान किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि खराब फसलों का सर्वे कराया जाए और किसानों को ₹15 हजार प्रति बीघा तक मुआवजा दिया जाए, जिससे आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई हो सके।
ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव की समस्या नई नहीं है। कई गांवों को जोड़ने वाले छोटे पुल के निर्माण की मांग भी लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से आवागमन की परेशानी काफी कम हो सकती है और बारिश के दौरान गांवों के बीच संपर्क भी बेहतर हो सकता है।
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