बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक आवास से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब वे एक अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास में निवास करेंगे। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है।

भवन निर्माण विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री आवास से जुड़ी पूर्व में लागू व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है। चार जून 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास संख्या-01 में मरम्मत कार्य के दौरान वैकल्पिक रूप से देशरत्न मार्ग स्थित आवास संख्या-05 को अस्थायी रूप से मुख्यमंत्री आवास के विस्तार के तौर पर उपयोग में लाया गया था।

मरम्मत पूरी, अस्थायी व्यवस्था खत्म

विभाग ने बताया कि अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास का मरम्मत कार्य अब पूरा हो चुका है और इसे पुनः उपयोग के लिए खोल दिया गया है। ऐसे में 30 अप्रैल 2026 की अधिसूचना के तहत की गई अस्थायी व्यवस्था की आवश्यकता समाप्त हो गई है।

इसके बाद आवास संख्या-05, देशरत्न मार्ग को दिए गए अस्थायी मुख्यमंत्री आवास के दर्जे को वापस ले लिया गया है। साथ ही, 30 अप्रैल को जारी अधिसूचना को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद लिया गया है और आदेश संयुक्त सचिव-सह-भू-संपदा पदाधिकारी के हस्ताक्षर से जारी हुआ है।

पहले भी आवास को लेकर दिया था बयान

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकारी आवासों के उपयोग को लेकर बयान दिया था। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि सरकारी बंगले किसी की निजी विरासत नहीं हो सकते। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में संपत्ति का निजीकरण स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया था कि वे लंबे समय तक निजी आवास में रहे और मुख्यमंत्री बनने के बाद ही उन्होंने अणे मार्ग स्थित आवास का उपयोग शुरू किया, वह भी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर।

उन्होंने यह भी कहा था कि जब भी उनके नेता उन्हें पद छोड़ने को कहेंगे, वे तुरंत पद छोड़कर वहां से निकल जाएंगे।

राबड़ी आवास को खाली करने का निर्देश

इधर, पटना जिला प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन ने उन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित आवंटित आवास में स्थानांतरित होने को कहा है।

प्रशासन का कहना है कि तय समय सीमा में आवास खाली नहीं किए जाने पर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।