बाबू वीर कुंवर सिंह के विजय उत्सव पर भारतीय जनता पार्टी ने भले ही सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड और राष्ट्रीय जनता दल के साथ बोला, लेकिन पार्टी खुद ही झमेले में भी फंस गई। वैशाली में ऐसे ही एक कार्यक्रम में भाजपा के विधानसभा सदस्यों की उपस्थिति में पार्टी के एक पूर्व विधायक ने देश के रक्षा मंत्री और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह को लेकर बहुत कुछ बोल दिया। उन्होंने राजनाथ को 'पिछलगवा’ तो कहा ही, एक पालतू पशु की प्रजाति का नाम लेते हुए कहा कि पार्टी में उतनी भी पूछ नहीं है। पूर्व विधायक अच्युतानंद की बातें सुनते ही वहां मौजूद भाजपा के लोगों ने विरोध जताते हुए माइक छीन ली।
वैशाली में कार्यक्रम, मंच पर होने लगा विरोध
वैशाली में विजयोत्सव समारोह के दौरान लोग भाजपा के पूर्व विधायक अच्युतानंद की बातें बड़े आराम से सुन रहे थे। पातेपुर के भाजपा विधायक मंच पर उनकी बातें सुनते हुए पानी पी रहे थे। अच्युतानंद कह रहे थे- "देश में जब तलवार की धार पर शासन का निर्धारण हो रहा था, उस समय भगवान राम शबरी के जूठे बेर खाकर जन-जन को जोड़ रहे थे। लोकतंत्र में क्षत्रप बनना है, राजा बनना है तो वोट ही ताकत है। जिसको वोट आएगा, वही भारत का प्रधानमंत्री बनेगा, बिहार का मुख्यमंत्री बनेगा।" इस समय तक सब ठीक रहा। आगे अच्युतानंद ने कहा- "पिलगवा बनने के लिए... राजनाथ सिंह को तो ... भी बीजेपी में नहीं पूछ रहा है।" इतना सुनते ही वहां जुटी भीड़ 'क्या बोल रहे हैं' कहती हुई मंच पर आ गई और ऐसा हंगामा शुरू हो गया कि संबोधन बंद कराना पड़ा।
तब नित्यानंद-भूपेंद्र को जालिम कहा, नीतीश को सीने में बताया था
पूर्व विधायक अच्युतानंद सिंह पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान एक सभा में उन्होंने कहा था- "हम पार्टी के चक्रव्यूह में फंस गए हैं और हमारी हालत देखिए कि हमें जालिम नित्यानंद राय और भूपेंद्र यादव जैसों की हिमायत करनी पड़ रही है।" उन्होंने इसी सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आस्था जताते हुए कहा था कि "कपड़ा उठाकर देखोगे तो मेरे सीने पर लिखा है कि सारे जहां से अच्छे हैं हमारे नीतीश कुमार।"