पटना में 23 जून को देशभर के भाजपा विरोधी दलों की प्रस्तावित बैठक के लिए तैयारी चरम पर है। गुरुवार से कई नेता आने भी लगेंगे और शुक्रवार सुबह तक सभी आ भी जाएंगे। बैठक में प्रधानमंत्री पद को लेकर मन में सभी के रहेगा, बोलेंगे कोई नहीं- यह भी लगभग तय है। विपक्षी दलों के बीच राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस पीएम पद को लेकर क्या समझौता करेगी, यह इस पोस्टर से दिख रहा है। बिहार विधानसभा के सामने एक विधायक ने पोस्टर लगाकर कांग्रेस के नंबर वन नेता राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री घोषित कर दिया है। पोस्टर वैशाली के राजापकार की विधायक प्रतिमा कुमारी दास की ओर से लगा है, हालांकि उन्होंने यह ध्यान नहीं दिया कि कोर्ट के आदेश के बाद राहुल गांधी की सांसदी तक जा चुकी है।

असल मारामारी इसी को लेकर होगी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों की एकजुटता के लिए जब प्रयास शुरू किया, तभी से एक मुद्दा बार-बार सामने आ रहा कि अगर भाजपा विरोधी दल एकजुट हुए तो उसका नेतृत्व कौन करेगा? इसी मुद्दे पर विपक्षी दलों में एकजुटता का संकट भी हो रहा था। पहले 12 जून को प्रस्तावित हुई बैठक के टलने की भी एक वजह यही मुद्दा था। ज्यादातर दल राजी थे, लेकिन कांग्रेस की ओर से न तो नंबर वन नेता राहुल गांधी के आने की संभावना थी और न राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आने की चर्चा। ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना कष्ट प्रकट करते हुए कहा भी था कि सभी दलों के अध्यक्ष आ रहे हैं, दूसरों के आने से बात नहीं बनेगी। कांग्रेस को पहल करनी होगी। बाद में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद ने हस्तक्षेप किया और राहुल गांधी अब 23 जून की बैठक में शरीक हो रहे हैं। लेकिन, मुद्दा वहीं का वहीं है। राष्ट्रीय दल और कुछ समय पहले के मुकाबले मजबूत नजर आ रही कांग्रेस किसी दूसरे या क्षेत्रीय दल को पीएम की दावेदारी करने देगी? शायद नहीं, जिसकी एक बानगी है यह पोस्टर बोर्ड। 

Bihar News: Poster described Rahul Gandhi PM Candidate in Patna opposition meeting welcome opposition leader

नीतीश कुमार ने सख्ती से कही है यह बात
भाजपा के साथ जनमत लेने के बाद जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीच में महागठबंधन के साथ वापसी कर अपनी कुर्सी ली, तभी से उनका नाम प्रधानमंत्री के लिए प्रस्तावित किए जाने की मांग उठ रही है। राष्ट्रीय जनता दल मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए तेजस्वी यादव और प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए नीतीश कुमार का नाम आगे करता रहा है। इधर, जनता दल यूनाईटेड में भी नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताकर नारेबाजी की जाती रही है। जातीय जनगणना की शुरुआत के दिन बख्तियारपुर में भी नारेबाजी हुई थी। जदयू दफ्तर में भी कई बार हो चुकी है। लेकिन, अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को जोड़ने के अभियान में इस नारेबाजी को बाधक मानते हुए साफ और सख्त निर्देश दिया है कि ऐसी नारेबाजी किसी हालत में नहीं हो। ऐसे पोस्टर नहीं लगाए जाएं, इसके लिए भी एक टीम निगरानी कर रही है।