पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने स्थानीय अर्जुन भवन में प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया है कि उन्हें बार-बार धमकियां मिल रही हैं। वह धमकियों से डरने वाले नहीं हैं, लेकिन मामले की जांच होनी चाहिए। फोन कॉल से लेकर मोबाइल एसएमएस से भी धमकियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि मुझे मरवाना है तो मरवाएं, लेकिन परिवार की बात नहीं करें। 27 से संसद सत्र प्रारंभ हो रहा है, लेकिन वहां वे अपने लिए कोई मांग नहीं रखेंगे।

जनता के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। कोसी और सीमांचल का विकास ही उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। धमकियों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। इसके पीछे के लोगों को सच सामने आना चाहिए। पूर्णिया सांसद ने स्पष्ट किया कि बिना व्यवस्था में बैठे लोगों की सहमति से यह सब होना संभव नहीं है। सिस्टम को पप्पू यादव से दिक्कत है तो हमें मरवा दे, लेकिन परिवार की बात नहीं करें।

बीते कुछ दिनों से पप्पू यादव को लगातार धमकियां मिल रही हैं। कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे पप्पू यादव को धमकी दे रहे हैं। 18 नवंबर को पप्पू यादव को पाकिस्तान के नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया था। धमकी देते हुए शख्स ने कहा, अगर पप्पू यादव ने लॉरेंस बिश्नोई से माफी नहीं मांगी तो 24 दिसंबर से पहले जान से मार देंगे।

पप्पू यादव ने आगे कहा कि बांध और भीमनगर बराज के नवीनीकरण का मुद्दा वह उठाते रहे हैं। इसको लेकर पीएम को भी पत्र का लिखा था, जिसके जवाबी पत्र के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि सूचना के अनुसार, 2026 तक डीपीआर बनकर तैयार होगा और 2027 तक कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

पत्र के अनुसार, नेपाल में स्थित सप्तकोसी बांध बहुउद्देशीय परियोजना और सप्तकोसी कमला डाइवर्जन बहुउद्देशीय के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए 2003 में एक संयुक्त परियोजना कार्यालय का गठन किया गया था। सप्तकोसी उच्च बांध एक भंडारण परियोजना है।

जिसकी अवधारणा उत्तरी बिहार में बाढ़ रोकने के लिए बाढ़ कुशल प्रदान करने के लिए की गई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जल आयोग द्वारा सूचित किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में परियोजना का सर्वेक्षण और अन्वेषण का कार्य और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट मार्च 2026 तक पूरी हो जाएगी। पूर्णिया को पहले ही तीन एनएच मिल चुका है एक्सप्रेस वे में अधिकांश हिस्सा पूर्णिया का आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि हवाई अड्डा की मांग पूर्ण हो गई है। बांध और सड़क का उनका वादा जल्द पूर्ण हो जाएगा। वे क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयत्नशील रहेंगे।