पटना: बिहार सचिवालय सेवा के अधिकारियों के सालभर के कामकाज का आकलन अब 16 मानकों के आधार पर अंकित किया जाएगा। इन अंकों का रिकॉर्ड वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा और भविष्य में प्रोन्नति एवं अन्य फैसलों में इसका अहम योगदान रहेगा। यह जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव केशव कुमार के आदेश में दी गई है।
आदेश की प्रति सभी विभागीय प्रमुखों, प्रमंडलीय आयुक्तों, पुलिस महानिदेशक और महाधिवक्ता को भी भेजी गई है। अधिकारियों को उनके प्रदर्शन अंकों के आधार पर चार ग्रेड में बांटा जाएगा। वहीं, जिन अधिकारियों को पर्याप्त अंक नहीं मिलेंगे, उन्हें कोई ग्रेड नहीं दिया जाएगा और उनके विरुद्ध कार्रवाई भी हो सकती है।
ग्रेड निर्धारण का तरीका
- एक्सेलेंट (ग्रेड 1): 8–10 अंक
- वेरी गुड (ग्रेड 2): 6–8 अंक
- गुड (ग्रेड 3): 4–6 अंक
- एवरेज (ग्रेड 4): 4 अंक तक
- कोई ग्रेड नहीं: 4 से कम अंक
इस मूल्यांकन में सिर्फ काम की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि कार्यालय में अधिकारियों का समग्र आचरण, अनुशासन, और सहकर्मियों एवं जनता के साथ व्यवहार को भी महत्व दिया गया है।
मूल्यांकन के 16 मानक
- सामान्य बुद्धिमत्ता और सीखने की उत्सुकता
- कार्यालय प्रक्रियाओं का ज्ञान
- नियमों, विनियमों और निर्देशों का ज्ञान
- कार्य की गुणवत्ता
- नियमों को लागू करने की क्षमता
- मामलों की गहन जांच करने की क्षमता
- टिपण एवं प्रारूपण की गुणवत्ता
- कार्य निपटान में तत्परता
- अनुशासन के प्रति आज्ञाकारिता
- उपस्थिति में समय पालन
- सहकर्मियों एवं जनता के साथ संबंध
- कार्यालय शिष्टाचार
- सामान्य आचरण
- सत्यनिष्ठा
- एससी-एसटी के प्रति दृष्टिकोण
- सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशीलता
इस नए अंक आधारित मूल्यांकन प्रणाली से सचिवालय सेवा में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।