पटना। स्वास्थ्य मंत्री का पद संभालने के बाद मंगलवार को पहली बार निशांत ने पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्राचार्य डॉ. एनपी सिंह अनुपस्थित पाए गए, जिसे मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया और बाद में समीक्षा बैठक भी की। हालांकि पूरे दौरे और बैठक के दौरान प्राचार्य मौजूद नहीं थे। बताया गया कि उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई आधिकारिक सूचना भी प्रशासन को नहीं दी गई थी, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई।
मंत्री निशांत ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का इस तरह बिना सूचना के अनुपस्थित रहना स्वीकार्य नहीं है और मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।
समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने पीएमसीएच के अधीक्षक कार्यालय में समीक्षा बैठक की। इसमें स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन प्राचार्य बैठक से अनुपस्थित रहे। अधिकारियों ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका।
प्राचार्य डॉ. एनपी सिंह ने बाद में बताया कि वह स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर हैं।
नई रेडियोलॉजी यूनिट का उद्घाटन और सुविधाओं का निरीक्षण
दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने नवनिर्मित रेडियोलॉजी विभाग का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एक्स-रे सेवाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने शिशु रोग विभाग के एनआईसीयू और पीआईसीयू वार्ड, इमरजेंसी, कैथ लैब, सीसीयू, दवा वितरण केंद्र और सर्जिकल स्टोर का भी दौरा किया।
अस्पताल प्रबंधन को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार करने, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खराब मशीनों को जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर भी जोर दिया।
इसके साथ ही मंत्री ने अस्पताल परिसर में दलालों की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने और मरीजों को बेहतर व पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।