मुजफ्फरपुर में आयोजित राष्ट्रीय लीची अनुसंधान संस्थान के एक कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का बयान चर्चा का विषय बन गया। “बिहार लीची संगम: बाग से निर्यात तक” कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए उन्होंने विभागीय बदलाव को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी।

मंत्री ने कहा, “मैं पूरी लगन से पढ़ाई करता हूं, लेकिन जब परीक्षा देने का समय आता है तो सब्जेक्ट ही बदल दिया जाता है। फिर भी मैं परीक्षा देने की कोशिश करता हूं।” उनके इस बयान को विभागीय जिम्मेदारियों में हुए बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में मंत्री ने लीची की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और किसानों से सीधे संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और अधिकारी यदि नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो जमीनी स्तर पर बदलाव और तेजी से आएगा।

कार्यक्रम में मौजूद महिला किसान मालती देवी ने लीची उत्पादन में आई गिरावट और कीट प्रकोप की समस्या उठाई। उन्होंने फसल बीमा की मांग करते हुए कहा कि लगातार नुकसान से किसानों की स्थिति कठिन हो रही है। वहीं अन्य किसानों ने लीची के परिवहन और बाजार तक पहुंच की समस्याएं भी मंत्री के सामने रखीं।

मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सरकार लीची उत्पादकों को बेहतर सुविधाएं, तकनीकी सहयोग और मजबूत बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।