रायगढ़/रायपुर: छत्तीसगढ़ में नशे की खेती का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ के तमानार क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई है। इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में नशे की खेती और गैरकानूनी गतिविधियों को संरक्षण मिल रहा है, जिससे प्रदेश के युवा नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
रायगढ़ में तमानार क्षेत्र में अफीम की खेती का पर्दाफाश
रायगढ़ के तमानार थाना क्षेत्र के आमाघाट गांव में पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग गोपनीय तरीके से अफीम की खेती कर रहे हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर करीब 70 डिसमिल क्षेत्र में उगी अफीम की फसल को बरामद किया। इस खेत में तरबूज, ककड़ी और अन्य सब्जियों की खेती भी की जा रही थी। पुलिस ने मार्शल सांगा (झारखंड निवासी) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं जमीन सार्वजनिक है या निजी, इसकी भी जांच जारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री का आरोप
भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि प्रदेशभर में भाजपा सरकार के संरक्षण में अफीम की खेती का पर्दाफाश जारी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र में भी एक भाजपा नेता के फार्महाउस में करीब 20 एकड़ में अफीम उगाई जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग पूरे प्रदेश को नशे में डुबाने का प्रयास कर रहे हैं।
पहले कहां-कहां पकड़ी गई अवैध फसल
दुर्ग जिले में:
समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में लगभग 5 एकड़ में अफीम की खेती की गई थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कलेक्टर ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर ग्रामीण कृषि अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया।
बलरामपुर जिले में:
दो अलग-अलग स्थानों पर झारखंड सीमा के पास करोंधा और कुसमी क्षेत्रों में कुल 3 एकड़ में अफीम की फसल मिली। पुलिस ने किसान सहादुर नगेशिया और टुईला राम को गिरफ्तार किया। दोनों किसानों के अनुसार, झारखंड के भूपेंद्र उरांव ने उन्हें फसल की देखभाल और संरक्षण की सलाह दी थी।
जांच और कार्रवाई जारी
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि तमानार और पूंजीपथरा में और कितने लोग इस अवैध खेती में शामिल थे। पकड़े गए किसानों और आरोपी मार्शल सांगा से पूछताछ जारी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अवैध नशे की खेती करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।