दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अलका लांबा को महिला आरक्षण बिल से जुड़े प्रदर्शन मामले में बड़ी राहत देते हुए एक साल की प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरने का निर्देश भी दिया है।

2024 के प्रदर्शन से जुड़ा मामला

यह मामला जुलाई 2024 में जंतर-मंतर पर महिला आरक्षण बिल को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन से संबंधित है। इस मामले में अदालत ने पहले अलका लांबा को दोषी करार दिया था। इसके बाद उन्होंने अदालत से अच्छे व्यवहार के आधार पर प्रोबेशन पर रिहाई की मांग की थी।

अदालत का फैसला

सुनवाई के दौरान अदालत ने उनके आचरण और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक वर्ष की प्रोबेशन अवधि पर रिहा करने का आदेश दिया।

अलका लांबा का बयान

फैसले के बाद अलका लांबा ने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अदालत के निर्णय का वे सम्मान करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें संतोष है कि अदालत ने उनके तीन दशक लंबे राजनीतिक जीवन और कानून के पालन को स्वीकार किया है।

हाईकोर्ट जाने की तैयारी

हालांकि, अलका लांबा ने यह भी कहा कि वह दोषसिद्धि के फैसले से सहमत नहीं हैं और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगी। उन्होंने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेंगी।