पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और गैस संकट का असर अब दिल्ली के बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। कड़वी कालाबाजारी और गैस की महंगाई के कारण दिल्ली के बड़े बाजारों जैसे लक्ष्मी नगर, रघुवरपुरा और गांधी नगर से मजदूर लगातार अपने गांव लौटने लगे हैं। इससे व्यापारियों की परेशानियाँ बढ़ गई हैं।

गांधीनगर में कपड़े की सप्लाई करने वाले सीतामढ़ी, बिहार निवासी लक्ष्मण कुमार ने बताया कि रोजाना कमाई का अधिकतर हिस्सा गैस और खाने-पीने पर खर्च हो जाता है। "दिन का 600-700 रुपये कमाता हूँ, लेकिन बाजार में एक किलो गैस के लिए 400-500 रुपये देने पड़ते हैं। अब घर का किराया कैसे भरेंगे, खाना कैसे खाएंगे। इसलिए मैं वापस अपने गांव जा रहा हूँ।"

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी सुमित ने भी कहा कि गांव में उन्हें 500-600 रुपये मजदूरी मिल जाती है। "वहां न किराया देना पड़ता है, न गैस की चिंता। घर पर रहेंगे तो कम से कम दो वक्त की रोटी तो मिल ही जाएगी।"

व्यापारियों की बढ़ सकती है मुश्किलें 

रघुवरपुरा शॉपकीपर एसोसिएशन के प्रधान पवन जिंदल ने कहा कि अगर मजदूर बड़े पैमाने पर गांव लौट गए, तो बाजार में काम प्रभावित होगा। "मजदूर न मिलने से दुकानें सुन्न हो जाएंगी और उत्पादन क्षमता पर असर पड़ेगा। लेकिन मजदूर यही सोच रहे हैं कि उतनी ही कमाई उन्हें गांव में भी मिल सकती है, और वहां किराया भी नहीं देना पड़ता।"

उन्होंने बताया कि व्यापारियों की कोशिश है कि मजदूरों को समझाया जाए कि दिल्ली की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी और इसलिए उन्हें वापस नहीं जाना चाहिए।