दिल्ली के वसंत विहार स्थित वसंत एनक्लेव में आर्मी ब्रिगेडियर और उनके बेटे के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना में शामिल मर्सिडीज कार में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वारदात में इस्तेमाल लग्जरी वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सतेंदर उर्फ सोनू (49) और संजय शर्मा (56) के रूप में हुई है।
सतेंदर महरम नगर का निवासी है और ‘चौधरी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी में निदेशक बताया जा रहा है, जो चार्टर्ड फ्लाइट्स और कार्गो सेवाओं के साथ विमान और उनके पार्ट्स के व्यापार से जुड़ी है। वहीं, दूसरा आरोपी संजय शर्मा उसी इलाके में ‘पंडित जी ढाबा’ संचालित करता है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे की है, जब ब्रिगेडियर परमिंदर सिंह अरोड़ा अपने परिवार के साथ वसंत एनक्लेव में टहल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक मर्सिडीज कार में बैठे दो युवकों को खुलेआम शराब पीते देखा।
ब्रिगेडियर द्वारा इसका विरोध किए जाने पर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि कुछ ही देर में दोनों युवकों ने अपने साथियों को बुला लिया, जिसके बाद 7–8 लोग कई गाड़ियों से मौके पर पहुंचे और ब्रिगेडियर के बेटे तेजस पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे ब्रिगेडियर के साथ भी मारपीट की गई।
पुलिस पर भी उठे सवाल
पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ब्रिगेडियर की पत्नी नताशा के अनुसार, 112 नंबर पर कॉल करने के बाद पीसीआर मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस ने हमलावरों को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए।
परिवार का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने में भी देरी हुई और एफआईआर दो दिन बाद तब दर्ज की गई, जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
मामले में शुरुआती स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। दक्षिण-पश्चिम जिला डीसीपी अमित गोयल ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है और कहा है कि बाकी आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।