नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ईस्ट विनोद नगर बस डिपो से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ईस्ट विनोद नगर डिपो की नई प्रशासनिक इमारत और मदनपुर खादर बस टर्मिनल का भी उद्घाटन किया गया।
नई बसों के शामिल होने के साथ ही दिल्ली का इलेक्ट्रिक बस बेड़ा और मजबूत हुआ है। इनमें 140 देवी (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरचेंज) बसें भी शामिल हैं, जिन्हें विशेष रूप से मोहल्लों और आंतरिक क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए तैनात किया जाएगा।
इन बसों के संचालन के बाद दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 6300 तक पहुंच गई है। सरकार का दावा है कि इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुगम यात्रा सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि दिल्ली में परिवहन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है और हर महीने नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजधानी को देश के सबसे विकसित शहरों में शामिल करना है और इसके लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली के विकास कार्यों को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री ने इसी कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से रोहतक के लिए नई अंतरराज्यीय बस सेवा की भी शुरुआत की, जिससे हरियाणा जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी ऐसी सेवाएं बढ़ाने की योजना है।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में डीटीसी लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले समय में बसों की संख्या, रूट नेटवर्क और यात्री सुविधाओं में और विस्तार किया जाएगा। नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने से दिल्ली में स्वच्छ, शांत और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को और गति मिलेगी।