महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) यूनिट से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस विवाद के बीच आरोपी बताई जा रही एचआर से जुड़ी कर्मचारी निदा खान की लोकेशन सामने आई है। परिवार के अनुसार, वह फिलहाल मुंबई में मौजूद है और गर्भवती है। इसी आधार पर उसने नासिक की स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन भी दाखिल किया है।
सूत्रों के मुताबिक, निदा खान ने अपनी याचिका में मेडिकल स्थिति को एक अहम आधार बताया है। हालांकि, इस पूरे मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) उसकी गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी हुई है।
इसी बीच जांच में यह भी सामने आया है कि निदा खान टीसीएस में एचआर मैनेजर नहीं बल्कि टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत थी। इस खुलासे के बाद मामले की दिशा को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
पुलिस के अनुसार, नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और जबरन धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी कुल नौ शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन मामलों में अब तक सात कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें छह पुरुष कर्मचारी और एक महिला एचआर हेड शामिल हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कार्यस्थल पर उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जबकि कई बार उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। एक मामले में यह भी आरोप है कि शादी का झूठा वादा कर एक कर्मचारी का शोषण किया गया।
पुलिस जांच में यह भी दावा किया गया है कि कुछ कर्मचारियों पर धार्मिक गतिविधियों के लिए दबाव बनाया गया और उनके धर्म से जुड़ी भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। वहीं, एक शिकायत में यह आरोप भी है कि एक पुरुष कर्मचारी को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया।
मामले में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर 18 से 25 वर्ष की युवा महिला कर्मचारियों को अधिकतर निशाना बनाया जाता था। अब तक दर्ज एफआईआर में धार्मिक भावनाओं को आहत करने, जबरन खान-पान और अनुचित दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
वहीं, TCS ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाती है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों पर आरोप हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।