दिल्ली के दयालपुर स्थित नेहरू विहार इलाके में सोमवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब एक कारोबारी और आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रंगदारी देने से इनकार करने को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। मृतक की पहचान 40 वर्षीय मोहम्मद राशिद के रूप में हुई है।
घटना आरओ प्लांट के पास हुई, जहां हमलावरों ने बेहद करीब से राशिद पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बदमाशों ने करीब 12 से 15 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से लगभग 10 गोलियां राशिद को लगीं। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में परिजन उन्हें जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
छह महीने पहले भी हो चुका था हमला
परिजनों का कहना है कि राशिद को पहले भी धमकियां मिल चुकी थीं। करीब छह महीने पहले भी रंगदारी न देने पर उन पर उनके घर के पास ही फायरिंग की गई थी, हालांकि उस समय वह बाल-बाल बच गए थे।
पुलिस जांच में जुटी, तीन टीमें गठित
सूचना मिलते ही उत्तर-पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्राइम टीम और एफएसएल ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गैंगवार एंगल की भी जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि राजा मेवाती उर्फ ‘अक्की डॉन’ नामक अपराधी राशिद से रंगदारी मांग रहा था, जिसकी कुछ समय पहले हत्या हो चुकी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस वारदात के पीछे प्रतिद्वंद्वी गैंग का हाथ हो सकता है।
कारोबारी परिवार से थे राशिद
पुलिस के मुताबिक राशिद अपने परिवार के साथ नेहरू विहार में रहते थे। उनके परिवार में पिता, मां, पत्नी और पांच बच्चे हैं। वह आरओ प्लांट कारोबार के साथ-साथ ई-रिक्शा और ऑटो संचालन के व्यवसाय से भी जुड़े हुए थे। उनके पास कई वाहन और एक टैक्सी एजेंसी भी थी।
शाम को घर के पास हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 6:10 बजे राशिद अपनी ऑटो एजेंसी से घर के पास स्थित आरओ प्लांट पहुंचे थे, तभी स्कूटी पर आए तीन बदमाशों ने उन्हें घेरकर गोलियां चला दीं। गोली चलने की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए।
परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें बचा नहीं सके। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की असली वजह और आरोपियों की पहचान जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।