राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्तर में सोमवार को हल्का सुधार दर्ज किया गया। रविवार को जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया था, वहीं आज इसमें कुछ गिरावट आई है और यह ‘खराब’ श्रेणी में आ गया है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के मुताबिक सोमवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी का औसत एक्यूआई 266 रिकॉर्ड किया गया, जो भले ही राहत का संकेत देता हो, लेकिन हवा अब भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं कही जा सकती।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग बना हुआ है। अलीपुर में एक्यूआई 275 दर्ज किया गया, जबकि आनंद विहार में स्थिति अधिक खराब रही और यहां सूचकांक 320 तक पहुंच गया। अशोक विहार में 301, चांदनी चौक में 337 और जहांगीरपुरी में 316 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी की ओर इशारा करता है।
दूसरी ओर, आया नगर में 178, बवाना में 195 और लोधी रोड क्षेत्र में 182 एक्यूआई दर्ज हुआ, जो अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति को दर्शाता है। आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 पर हवा की गुणवत्ता कुछ हद तक संतोषजनक रही और यहां एक्यूआई 153 मापा गया। वहीं द्वारका सेक्टर-8 में 288, मुंडका में 281, रोहिणी में 299, आरकेपुरम में 295 और विवेक विहार में 318 एक्यूआई रहा।
एक्यूआई क्या दर्शाता है
वायु गुणवत्ता सूचकांक के माध्यम से हवा में प्रदूषण के स्तर का आकलन किया जाता है। यदि एक्यूआई 0 से 50 के बीच हो, तो हवा को साफ माना जाता है। 51 से 100 के बीच होने पर वायु गुणवत्ता संतोषजनक रहती है। 101 से 200 का स्तर मध्यम प्रदूषण को दर्शाता है, जबकि 201 से 300 के बीच की स्थिति को खराब श्रेणी में रखा जाता है। 301 से 400 के बीच पहुंचने पर हवा बेहद खराब हो जाती है और 401 से 500 के स्तर पर स्थिति गंभीर मानी जाती है, जो खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।