नए साल के तीसरे दिन राजधानीवासियों को जहरीली हवा से कुछ हद तक राहत मिली है। हवा की दिशा में बदलाव और रफ्तार बढ़ने के कारण शुक्रवार को प्रदूषण स्तर बेहद खराब से घटकर ‘खराब’ श्रेणी में आ गया। शनिवार को भी हवा की गुणवत्ता इसी स्तर पर बनी हुई है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली के अनुसार, शनिवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 222 दर्ज किया गया।
कई इलाकों में AQI अब भी चिंता के स्तर पर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया। अलीपुर में AQI 211, आनंद विहार में 282, अशोक विहार में 242, आया नगर में 149, बवाना में 145, बुराड़ी में 203 और चांदनी चौक क्षेत्र में 272 रहा।
इसके अलावा डीटीयू में 235, द्वारका सेक्टर-8 में 266, आईजीआई एयरपोर्ट टी-3 क्षेत्र में 148, आईटीओ में 218, जहांगीरपुरी में 309, लोधी रोड पर 148, मुंडका में 281, नजफगढ़ में 183, नरेला में 228, पंजाबी बाग में 235, आरकेपुरम में 252, रोहिणी में 270, सोनिया विहार में 237, विवेक विहार में 260 और वजीरपुर में 271 AQI दर्ज किया गया।
सोमवार से फिर बिगड़ सकती है हवा
CPCB के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार तक प्रदूषण का स्तर ‘खराब’ श्रेणी में बना रह सकता है, लेकिन सोमवार से एक बार फिर हवा के ‘बेहद खराब’ स्तर पर पहुंचने की आशंका है। ऐसे में सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रदूषण बढ़ने पर आंखों में जलन, खांसी, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
हवा सुधरी तो हटे GRAP-3 प्रतिबंध, कार्रवाई जारी रहेगी
प्रदूषण स्तर में आई कमी के बाद राजधानी में GRAP-3 के तहत लागू पाबंदियां हटा ली गई हैं। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि राहत मिलने के बावजूद प्रदूषण के खिलाफ जमीनी कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हालिया सुधार लगातार की गई सख्त कार्रवाई का नतीजा है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले दिल्ली का AQI 380 था, जो 24 घंटे के भीतर घटकर 236 पर आ गया। खास तौर पर बवाना इलाके में AQI 141 दर्ज किया गया, जिसे अपेक्षाकृत बेहतर श्रेणी में माना जाता है।
24 घंटे में बड़े पैमाने पर कार्रवाई
पर्यावरण मंत्री के अनुसार, बीते 24 घंटों में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। वाहन प्रदूषण से जुड़े 6,596 मामलों में चालान किए गए। शहर से करीब 12,000 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया और धूल नियंत्रण के लिए 6,261 किलोमीटर सड़कों की मशीनों से सफाई कराई गई।
निर्माण और तोड़फोड़ से निकले 2,315 मीट्रिक टन मलबे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। अवैध कचरा डंपिंग के खिलाफ 405 स्थानों पर जांच हुई, जिनमें 156 मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई। इसके अलावा 40 प्रमुख चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रण किया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले 99 हल्के वाहनों पर भी कार्रवाई हुई।