मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत हासिल करने के बाद भाजपा ने यूपी में सहयोगी दलों को दी जाने वाली सीटों पर मंथन शुरू कर दिया है । माना जा रहा है कि जल्द ही दिल्ली में बैठक करके अपना दल (एस), सुभासपा और निषाद पार्टी के लिए सीटें तय कर दी जाएंगी, जिससे वह समय से अपनी तैयारियां शुरू कर सकें।
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में होने वाली बैठक में सहयोगी दलों के कोटे की सीटों का नाम तय तो किया जाएगा, लेकिन उसकी अधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी। सहयोगी दल भी सीटों का नाम गोपनीय रखेंगे।
इस बार के चुनाव में सियासी समीकरण और विपक्षी गठबंधन की रणनीति को देखते हुए भाजपा का पिछड़े व दलित वोट बैंक को साधने पर खास फोकस है। इसी रणनीति को देखते हुए तीनों दल अपनी भूमिका बढ़ाने को लेकर भाजपा पर दबाव बनाए हुए हैं।