दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक पांच मंजिला ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में लगी भीषण आग ने भयावह रूप ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें गुरुग्राम के एक ही परिवार के आठ सदस्य भी शामिल हैं। इसके अलावा 19 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। घटना के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पुलिस ने होटल मालिक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है।
हादसे के बाद घायलों को तुरंत एम्स, सफदरजंग, मैक्स और मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। मैक्स अस्पताल के अनुसार, 39 लोगों को वहां लाया गया था, जिनमें से 18 को मृत घोषित किया गया। कई मरीजों को आईसीयू में रखा गया है, जिनमें कुछ वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। घायलों में धुएं से दम घुटने, गंभीर जलन और चोटों के मामले सामने आए हैं।
एक ही रास्ता बना मौत का कारण
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इमारत में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था, जो आग और धुएं से भर गया, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग अंदर फंस गए और जान गंवा बैठे।
नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण पर सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि होटल को बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन यहां करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। बेसमेंट में भी अवैध रूप से कमरे बनाए गए थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल के पास फायर एनओसी थी या नहीं।
दमकल और पुलिस की टीमों ने मौके से करीब 40 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन तेजी से फैली आग ने हालात को नियंत्रित करना मुश्किल बना दिया।
तीसरी मंजिल से कूदकर बचने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगते ही लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगाने लगे। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से छलांग भी लगाई, जबकि स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर बचाव में मदद की।
संकरी गलियां बनीं राहत में बाधा
संकरी गलियों, अव्यवस्थित तारों और भीड़भाड़ के कारण दमकल टीम को राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक इमारत के भीतर सर्च ऑपरेशन चलता रहा।
पहचान में आ रही कठिनाई
अस्पतालों में शवों की हालत इतनी गंभीर है कि कई की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। परिजन लगातार अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।