नई दिल्ली। देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) के टर्मिनल 3 (टी3) में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत टी3 के डोमेस्टिक पियर सी को इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए तैयार किया जा रहा है।
आईजीआई एयरपोर्ट संचालन एजेंसी डायल के अनुसार, इस बदलाव से टी3 की अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को हैंडल करने की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, यानी मौजूदा 2 करोड़ यात्रियों से बढ़कर 3 करोड़ सालाना हो जाएगी। पियर सी के उपयोग को डोमेस्टिक से इंटरनेशनल में बदलने का काम तेजी से जारी है और संभावना है कि मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
बदलाव के तहत क्या हो रहा है
टी3 के पियर सी में इमिग्रेशन काउंटर्स की संख्या बढ़ाई जा रही है, सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड किया जा रहा है और पैसेंजर फ्लो को अलग-अलग जोन में व्यवस्थित किया गया है। ब्रिज को भी दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। डायल के मुताबिक, पियर के उपयोग में बदलाव पर काम काफी पहले से शुरू हो चुका था।
घरेलू उड़ानों को धीरे-धीरे अन्य टर्मिनल में शिफ्ट किया जा रहा है ताकि टी3 में पर्याप्त जगह उपलब्ध हो। एयर इंडिया ने 26 अक्टूबर 2025 से अपनी 60 घरेलू उड़ानों को टी3 से टी2 में स्थानांतरित कर दिया है, जबकि शेष 120 उड़ानें टी3 में ही संचालित होंगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की सभी घरेलू उड़ानें अब टी1 से संचालित हो रही हैं। इंडिगो ने भी अपने ऑपरेशंस को टी1, टी2 और टी3 में विभाजित किया है।
इससे पहले अप्रैल 2025 से अपग्रेडेशन के लिए बंद टी2 को 26 अक्टूबर 2025 को फिर से खोला गया और टी1 की क्षमता को दोगुना कर 4 करोड़ यात्रियों सालाना तक बढ़ा दिया गया।
क्यों जरूरी था यह बदलाव
कोरोना महामारी के बाद पर्यटन, व्यापार और प्रवासी भारतीयों की बढ़ती यात्राओं के कारण आईजीआई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तेज़ी आई। मुख्य अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल टी3 में रोजाना लगभग 67,000-68,000 यात्रियों की आवाजाही हो रही है, जो इसकी मौजूदा क्षमता से अधिक है।
पियर सी को इंटरनेशनल में बदलने से इंटरनेशनल ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, खासकर इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर और नए रूट्स के लिए। इसके अलावा दिल्ली को एक प्रमुख वैश्विक हब बनाने में मदद मिलेगी।
टी3 का नया ढांचा
बदलाव के बाद टी3 में अब तीन इंटरनेशनल पियर्स (ए, बी और सी) होंगे और एक पियर (डी) डोमेस्टिक के लिए बचा रहेगा। इस अपग्रेड से टी3 की अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता 2 करोड़ से बढ़कर लगभग 3 करोड़ सालाना हो जाएगी।
यात्रियों को लाभ
इस बदलाव से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का वेटिंग टाइम कम होगा, क्योंकि अधिक गेट्स और बेहतर बोर्डिंग व्यवस्था के कारण एयरपोर्ट की दक्षता बढ़ जाएगी। एयरलाइंस को भी अधिक फ्लाइट स्लाट्स मिल सकेंगे। यह सुधार आईजीआई एयरपोर्ट मास्टर प्लान 2026 का हिस्सा है, जिसमें टी3 में नया पियर ई बनाने की योजना भी शामिल है, जिसे 2028 तक पूरा किया जाएगा।
पियर क्या होता है
पियर एयरपोर्ट टर्मिनल से जुड़ा लंबा गलियारा होता है, जिसमें दोनों तरफ बोर्डिंग गेट्स होते हैं और यात्रियों को एरोब्रिज के माध्यम से विमान में चढ़ने की सुविधा मिलती है।
वर्तमान यात्री आंकड़े
वित्त वर्ष 2024-25 में आईजीआई एयरपोर्ट पर कुल 7.92 करोड़ यात्रियों ने आवाजाही की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय यात्री 2.16 करोड़ थे। घरेलू यात्रियों की संख्या अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की तुलना में तीन गुना अधिक थी।
हालांकि 2025-26 की शुरुआत में रनवे अपग्रेड और अन्य कारणों से यात्रियों की संख्या में थोड़ी गिरावट देखी गई, लेकिन अब धीरे-धीरे सुधार जारी है।