नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट में सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) में वृद्धि का औचित्य समझाया। उन्होंने कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस में निवेश का चलन लगातार बढ़ रहा था, लेकिन इसके कारण निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा था। इसे देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
फ्यूचर्स और ऑप्शंस में निवेश है जोखिम भरा
सीतारमण ने बताया कि इस प्रकार के निवेश पूरी तरह अनुमान और भविष्यवाणी पर आधारित होते हैं। उन्होंने कहा, “हम यह नहीं चाह सकते कि लोग लगातार बाजार में नुकसान उठाते रहें। कई अभिभावकों ने शिकायत की थी कि उनके बच्चे फ्यूचर्स और ऑप्शंस में निवेश करके भारी घाटे में जा रहे हैं। ट्रेडिंग करने वालों में 90 प्रतिशत लोग नुकसान में हैं। इसी आधार पर एसटीटी बढ़ाई गई है।”
एसटीटी में बढ़ोतरी का विवरण
बजट के अनुसार फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया गया है। ऑप्शन प्रीमियम पर यह बढ़कर 0.15 प्रतिशत हुआ, जबकि ऑप्शन एक्सरसाइज पर 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है।
सीमा शुल्क में राहत अमेरिका के प्रभाव से नहीं
निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट में टेक्सटाइल और लेदर जैसे रोजगार सृजन करने वाले सेक्टरों के लिए सीमा शुल्क में राहत दी गई है। यह फैसला अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क के असर को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीएसटी लागू होने के बाद देश में सीमा शुल्क में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है।
मीडियम इंटरप्राइजेज के लिए 'चैंपियन' स्कीम
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में घोषित चैंपियन एसएमई योजना मुख्य रूप से मीडियम इंटरप्राइजेज को लक्षित करती है। अक्सर ये कंपनियां मीडियम स्तर पर बनी रहना पसंद करती हैं, क्योंकि उन्हें छोटे होने के कई लाभ मिलते हैं। नई स्कीम के तहत सरकार यह आश्वासन दे रही है कि लार्ज बनने पर भी उन्हें समर्थन और सुविधाएं मिलेंगी।