नई दिल्ली में व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद राघव चड्ढा की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। अदालत ने पूरे कंटेंट को हटाने से इनकार कर दिया, हालांकि पांच संशोधित (छेड़छाड़ किए गए) दस्तावेज हटाने का निर्देश जारी किया है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शेष सामग्री मानहानि या व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन की श्रेणी में नहीं आती, इसलिए उसे हटाने का कोई आधार नहीं है। इसी के साथ अदालत ने व्यापक स्तर पर अंतरिम रोक लगाने की मांग को भी खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान 21 मई को अदालत ने शुरुआती टिप्पणी में कहा था कि याचिका में जिन सामग्रियों का उल्लेख किया गया है, उनसे सीधे तौर पर व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन नहीं प्रतीत होता। अदालत ने यह भी माना था कि संबंधित सामग्री अधिकतर राजनीतिक आलोचना के दायरे में आती है।