दिल्ली। मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने छह और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में कुल 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि 50 से अधिक लोगों की पहचान की जा चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद शामिल हैं। साथ ही एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
व्हाट्सएप ऑडियो संदेशों से फैली अफवाह
पुलिस के अनुसार, मस्जिद को तोड़े जाने की झूठी खबर और हिंसा भड़काने में व्हाट्सएप समूहों में प्रसारित ऑडियो संदेशों ने अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों ने पहले ही कई कदम उठाकर गलत सूचनाओं का खंडन कराया था, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली। करीब चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप पर निगरानी रखी गई। अभी यह जांच जारी है कि अफवाहें पूर्व नियोजित थीं या नहीं।
धार्मिक नेताओं से संवाद
मौके पर स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए मध्य जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त निधिन वल्सन ने एसीपी और एसएचओ के साथ मिलकर अमन समिति, वरिष्ठ नागरिकों और धार्मिक नेताओं से बातचीत की। उन्होंने मौलवियों को भरोसा दिलाया कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा और अवैध अतिक्रमण ही हटाए जाएंगे। इससे पहले निधिन वल्सन ने 120 से अधिक मौलवियों के साथ बैठक कर कार्रवाई की स्पष्ट रूपरेखा बताई थी।
उपद्रवी फरार, सुरक्षा बढ़ाई
पुलिस ने बताया कि पहचान किए गए कई उपद्रवी अब घरों पर ताले लगाकर फरार हैं। वहीं, अवैध निर्माण को हटाने का काम बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। बुलडोजर और क्रेन की मदद से अवैध निर्माण पूरी तरह जमींदोज किया गया, जबकि मलबा हटाने का काम जारी है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम वीडियो फुटेज, सीसीटीवी, बॉडी वार्न कैमरा और ड्रोन रिकॉर्डिंग के जरिए आरोपियों की पहचान कर रही है। बलवे के दौरान 150 से 200 लोग शामिल थे, जिन्होंने पुलिस पर पथराव और आंसू गैस के गोले वापस फेंके।
सोशल मीडिया और सांसद का संदेह
पुलिस ने यह भी बताया कि यूपी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी मामले से पहले मीटिंग करने और लोगों को भड़काने के आरोप में नोटिस भेजा जाएगा। इसके अलावा कई सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और व्हाट्सएप ग्रुप भी जांच के घेरे में हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुलिस ने रामलीला मैदान से तुर्कमान गेट की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए हैं। अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां और दंगा नियंत्रण वाहन इलाके में तैनात हैं। पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन और संयुक्त पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
मामले का पूरा घटनाक्रम
मंगलवार को शुरू हुए अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान शरारती तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया। इसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। कुछ लोगों ने मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह फैलाकर हिंसा भड़काई। पुलिस ने लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल कर स्थिति को नियंत्रित किया।