नई दिल्ली। 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में यूएपीए के तहत पिछले छह वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद उमर खालिद को दिल्ली की एक अदालत से राहत नहीं मिल सकी है।

अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। उमर खालिद ने अपने परिवारिक कारणों का हवाला देते हुए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की थी। उन्होंने अपने चाचा के चेहल्लुम में शामिल होने और अपनी मां के सर्जरी से जुड़े कारणों के आधार पर कोर्ट से अस्थायी रिहाई का अनुरोध किया था।

हालांकि, सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।