दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चलने के बाद कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। राजधानी के जंतर-मंतर सहित कई हिस्सों में सुबह बारिश का असर देखने को मिला।

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार देर रात राजधानी के कुछ इलाकों, विशेषकर मंडी हाउस क्षेत्र में बारिश हुई। इसके चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में करीब 5.7 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है।

बुधवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और सूरज भी बीच-बीच में नजर आया। सफदरजंग मौसम केंद्र में 0.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। यहां अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, आर्द्रता का स्तर 48 से 83 प्रतिशत के बीच रहा।

मौसम विभाग का कहना है कि 2 से 7 जुलाई के बीच दिल्ली-एनसीआर का मौसम लगातार बदलता रहेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव राजधानी पर भी पड़ने की संभावना है। इसके चलते आने वाले दिनों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

विभाग ने 2, 3 और 4 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन दिनों अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। हालांकि इस बार मानसून की प्रगति सामान्य तिथि से कुछ धीमी रही है, लेकिन अब इसके जल्द सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं तो राजधानी में मानसून की औपचारिक एंट्री जल्द हो सकती है।