बवाना, दिल्ली: बाहरी उत्तरी दिल्ली के बवाना थाना क्षेत्र के पूठ खुर्द में शनिवार देर रात 24 वर्षीय भूपेंद्र उर्फ भोलू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार सुबह ग्रामीणों ने उसका शव सुल्तानपुर रोड के पास पड़ा देखा। पुलिस के अनुसार, भूपेंद्र को 6-7 गोलियां मारी गई थीं।
हत्या की वजह पर उठ रहे सवाल
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने लूटपाट को हत्या का कारण नहीं माना है। अधिकारी यह संभावना जता रहे हैं कि हत्या आपसी रंजिश, प्रॉपर्टी विवाद या गैंगवार का नतीजा हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि भूपेंद्र का किसी नामी गैंगस्टर के साथ संबंध था और वह उनके साथ उठना-बैठना करता था।
जांच में जुटी पुलिस
भूपेंद्र की स्कूटी, पर्स और मोबाइल मौके से बरामद किए गए हैं। क्राइम टीम और FSL ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। बवाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। शव को मोर्चरी भेजकर पोस्टमार्टम कराया गया।
परिवार और पृष्ठभूमि
भूपेंद्र अपने परिवार के साथ पाना-बस्ती वाड़ा, पूठ खुर्द में रहता था। परिवार में पिता, मां, भाई और बहन हैं। पिता कुलदीप एक निजी बिजली वितरण कंपनी में इंजीनियर हैं। भूपेंद्र दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन कर रहा था।
शनिवार शाम को भूपेंद्र दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था। रात लगभग 10 बजे परिजनों से बातचीत हुई, जिसमें उसने जल्द लौटने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह घर वापस नहीं आया। रातभर परिवार ने कॉल और दोस्तों के जरिए खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
खून से लथपथ शव मिला
रविवार तड़के ग्रामीणों ने राज वाटिका के पास भूपेंद्र का शव खून से लथपथ पड़ा देखा। परिजनों को तुरंत बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर स्कूटी, मोबाइल और पर्स बरामद किया। पुलिस का कहना है कि लूटपाट इसका कारण नहीं है।
पुलिस ने बताया कि परिवार के कुछ सदस्यों के बीच प्रॉपर्टी विवाद चल रहा था। रंजिश या प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं गैंगवार की संभावना पर भी जांच जारी है।
इलाके में दहशत, परिवार का हाल बेहाल
भूपेंद्र की हत्या के बाद गांव में तनाव फैल गया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किसी ने गोली चलने की आवाज सुनी या नहीं। कुछ सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
परिवार का कहना है कि भूपेंद्र का किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में घटना को लेकर दहशत का माहौल है।