पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में शनिवार को हुए झूला हादसे को गंभीर बताया और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के हादसे ने मेले और हरियाणा की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने हादसे के जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सूरजकुंड मेला देश-विदेश के शिल्पकारों और कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहां करीब 50 देशों के 700 से अधिक शिल्पकार हिस्सा लेते हैं और लाखों पर्यटक आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा पर्यटन विभाग ने मेले को मात्र कमाई का जरिया बना दिया है और एडवेंचर के नाम पर असुरक्षित झूले लगाने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने इसे कारीगरों के काम की अनदेखी करवाने वाला कदम बताया और राज्य सरकार से आग्रह किया कि ऐसी नीति को तुरंत बंद किया जाए।
इस हादसे में शहीद हुए पुलिसकर्मी के परिवार को उचित आर्थिक मदद देने के साथ-साथ एक्सग्रेशिया के तहत नौकरी देने की भी दुष्यंत चौटाला ने मांग की। उन्होंने कहा कि मृतक ने बहादुरी से अपनी ड्यूटी निभाई और राज्य सरकार को चाहिए कि उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा और नौकरी की गारंटी दी जाए। इसके साथ ही घायल लोगों को उचित इलाज और आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई जाए।