हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र की नवगठित टिल्लू पंचायत में हुए प्रधान पद के चुनाव ने स्थानीय स्तर पर खास चर्चा बटोरी है। इस चुनाव में एक अनोखा मुकाबला देखने को मिला, जहां पिता और पुत्र आमने-सामने मैदान में उतरे। अंततः इस पारिवारिक राजनीतिक टकराव में जीत बेटे के खाते में गई, जबकि पिता को हार का सामना करना पड़ा।
प्रधान पद के लिए कुल पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला अजय अत्री और उनके पिता संतोष शर्मा के बीच माना जा रहा था। चुनाव परिणामों में अजय अत्री ने 184 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नरदीप सिंह को 173 वोट मिले, जिससे अजय ने 11 मतों के अंतर से बढ़त बनाई।
वहीं, उनके पिता संतोष शर्मा को केवल 5 वोट प्राप्त हुए। अन्य उम्मीदवारों में ब्रजेश सिंह को 53 और शशिपाल को 19 वोट मिले।
गौरतलब है कि अजय अत्री इससे पहले बेला पंचायत के प्रधान रह चुके हैं। बाद में बेला पंचायत का बड़ा हिस्सा नगर परिषद नादौन में शामिल कर दिया गया, जिसके बाद बचे हुए क्षेत्र को मिलाकर नई टिल्लू पंचायत का गठन किया गया। इस नई पंचायत के पहले प्रधान के रूप में अजय अत्री का चयन हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिता-पुत्र के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे, जिसकी झलक इस चुनाव में भी देखने को मिली। यह परिणाम एक बार फिर दर्शाता है कि पंचायत चुनावों में रिश्तों से अधिक मतदाताओं का भरोसा और कामकाज का प्रभाव निर्णायक भूमिका निभाता है।