जनजातीय जिले किन्नौर की सांगला घाटी में होली के तीन दिवसीय उत्सव का आज समापन हो रहा है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी भी शामिल होंगे। देशभर से पर्यटक, खासकर मुंबई और पूर्ण से, हजारों की संख्या में इस उत्सव का आनंद लेने पहुँचे हैं।
मुख्य समारोह घाटी के नाग मंदिर में आयोजित किया गया है, जहाँ स्थानीय लोग और पर्यटक एक-दूसरे को रंग लगाते हुए उत्सव की रौनक बढ़ा रहे हैं। दिनभर डीजे की धुनों पर लोग नाच-गाना कर रहे हैं। सांगला घाटी, समुद्र तल से लगभग 2,700 मीटर की ऊँचाई पर स्थित, अपने मनोहारी दृश्यों और होली के विशिष्ट उत्सव के लिए प्रसिद्ध है।
होली के तीसरे दिन, जिसे फागुली उत्सव के नाम से जाना जाता है, सभी लोग सुबह नाग मंदिर में इकट्ठा होते हैं। कुछ पुरुष रामायण के पात्रों के वेश में सज-धज कर जुलूस की अगुवाई करते हैं और मंदिर से निकलकर एक गांव से दूसरे गांव तक जाते हैं। यह दृश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए अत्यंत आकर्षक होता है।
जुलूस के दौरान स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक शराब फासुर भी परोसी जाती है, जिससे उत्सव में स्थानीय संस्कृति और खान-पान का स्वाद भी देखने को मिलता है।