शिमला: हिमाचल प्रदेश और दिल्ली पुलिस के बीच हाल ही में उत्पन्न विवाद ने राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है। भाजपा ने इस पूरे मामले पर राज्य सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि विवाद हिमाचल सरकार के निर्देशन में सामने आया। इसी को लेकर भाजपा शिमला में लोकभवन मार्च का आयोजन करेगी।

भाजपा के पदाधिकारी, नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में शाम पौने चार बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे। भाजपा नेताओं ने इस घटना को संविधान के उल्लंघन के रूप में देखा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर सियासी विवाद

रोहड़ू से युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिमाचल पुलिस को सूचित किए बिना गिरफ्तार किया, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की ‘गुंडागर्दी’ बताया, जबकि भाजपा ने इस घटना को राज्य सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाने योग्य बताया।

विनय कुमार का बयान: शांत हिमाचल को अशांत न करें

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि हिमाचल जैसे शांतिपूर्ण राज्य को अशांत करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहां आए अतिथियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विनय कुमार ने दिल्ली पुलिस द्वारा तीन कांग्रेस नेताओं को रोहड़ू से गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार करने और दिल्ली ले जाने के प्रयास को गंभीर मामला करार दिया।

राकेश जम्वाल का बयान: कानून व्यवस्था की विफलता

हिमाचल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने कहा कि रोहड़ू के तीन युवा कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी और उसके बाद हिमाचल पुलिस की प्रतिक्रिया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के जवानों को रोकना कानून व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है और यह स्थिति देश की गरिमा पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती है।