कठुआ। डोडा, किश्तवाड़ और उधमपुर के बसंतगढ़ के बाद अब कठुआ जिले के पहाड़ी इलाके बिलावर में भी आतंकियों ने सुरक्षाबलों को चकमा दे दिया। बुशाम से उज्ज दरिया के कमांड क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ करीब चार घंटे तक चली, लेकिन अंधेरे और दुर्गम जंगल का फायदा उठाकर आतंकी भागने में सफल हो गए।
घटना के बाद भी सुरक्षाबलों ने पूरे जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने अंधेरे के बावजूद जवान सतर्कता के साथ सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। आतंकियों की तलाश के लिए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।
गुरुवार सुबह एक बार फिर कठुआ जिले के जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान एक सुरक्षाकर्मी मामूली रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, आतंकियों की संख्या तीन बताई जा रही है। आशंका है कि ये वही जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी हो सकते हैं, जो पिछले कई दिनों से हीरानगर सेक्टर से घुसपैठ की कोशिश करते हुए सीमा क्षेत्र में देखे जा रहे थे। इसे वर्ष 2026 का पहला बड़ा आतंकरोधी अभियान माना जा रहा है। जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुठभेड़ की पुष्टि की है। अभियान की निगरानी कठुआ की एसएसपी मोहिता शर्मा स्वयं कर रही हैं।
स्थानीय लोगों ने दी थी सूचना
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब चार बजे कमाड नाला के पास स्थानीय लोगों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस का विशेष अभियान दल (एसओजी) मौके पर पहुंचा। शाम करीब साढ़े चार बजे संदिग्धों की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी शुरू की गई।
तलाशी के दौरान एक आतंकी ने जवानों पर अचानक गोलीबारी कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी फायरिंग की। दोनों ओर से चली गोलीबारी रात करीब आठ बजे तक जारी रही।
मुठभेड़ स्थल पर सबसे पहले एसएसपी मोहिता शर्मा पहुंचीं। बाद में आईजी जम्मू भीम सेन टूटी और डीआईजी शिव कुमार भी मौके पर पहुंचे। सभी वरिष्ठ अधिकारी अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के एसपी ऑपरेशन अनवर इकबाल, एसडीपीओ बिलावर नीरज पडियार और थाना प्रभारी बिलावर इंस्पेक्टर जाहिर मुश्ताक भारी सुरक्षा बल के साथ क्षेत्र में तैनात हो गए। सीआरपीएफ और सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आतंकियों के संभावित भागने के सभी रास्तों पर कड़ा पहरा लगाया गया है। अंधेरा होने के कारण अभियान को पूरी सावधानी के साथ अंजाम दिया जा रहा है।