किश्तवाड़ के चिशोती में बीते वर्ष 14 अगस्त को बादल फटने की आपदा में लापता हुए 31 श्रद्धालुओं की डीएनए जांच रिपोर्ट फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला निदेशालय ने वीरवार को संबंधित जांच अधिकारी और शासन को भेज दी है। इससे पीड़ित परिवार अब अपने अपनों की पहचान कर अंतिम संस्कार कर सकेंगे और सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता का मार्ग भी स्पष्ट हो सकेगा।

आपदा के समय कुछ श्रद्धालुओं के केवल अंग ही बरामद हुए थे, जिससे उनकी पहचान नहीं हो पाई थी। शिनाख्त के लिए आठ सितंबर 2025 को उनके सैंपल डीएनए जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि, लगभग छह माह तक जम्मू की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में जांच किट की अनुपलब्धता के कारण प्रक्रिया रुकी हुई थी।

28 जनवरी को समाचार में किट की उपलब्धता की जानकारी दी गई थी। इसके बाद फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक ओम प्रकाश भगत ने कहा था कि 48 घंटे के भीतर डीएनए जांच पूरी होने की उम्मीद है। वीरवार देर रात उन्होंने पुष्टि की कि सभी 31 लापता श्रद्धालुओं की डीएनए जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है और इसे जांच अधिकारी और शासन को सौंप दिया गया है।