जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब पार्टी पर मुंबई की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर चुनाव के बाद विजेता और पराजित दोनों होते हैं, लेकिन सबसे अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी से जनता की अपेक्षाएं भी उतनी ही बढ़ जाती हैं।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद बीएमसी के चुनाव संपन्न हुए हैं और इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। ऐसे में जरूरी है कि नगर प्रशासन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाए और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री ने मुंबई के बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं तीन वर्ष तक इस महानगर में रहने का अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब कोस्टल रोड जैसी विशाल परियोजना की कल्पना भी मुश्किल लगती थी, लेकिन आज वह साकार हो चुकी है। यदि इसी तरह की विकास योजनाएं आगे भी लागू होती हैं तो उनका सीधा लाभ मुंबईवासियों को मिलेगा।

बीएमसी चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया है। पार्टी को कुल 11,79,273 मत मिले, जो लगभग 21.58 प्रतिशत वोट शेयर के बराबर हैं। वहीं, विजयी उम्मीदवारों के स्तर पर भाजपा का वोट प्रतिशत 45.22 रहा। भाजपा की सहयोगी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 29 सीटें जीतीं, जिससे दोनों दल मिलकर बीएमसी का सबसे बड़ा गठबंधन बन गए।

दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और मनसे गठबंधन को कुल 71 सीटों से संतोष करना पड़ा। कांग्रेस ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एआईएमआईएम को 8, एनसीपी को 3, समाजवादी पार्टी को 2 और एनसीपी (शरद पवार गुट) को 1 सीट मिली है।