जमशेदपुर। लौहनगरी में नक्शा विचलन और बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) सोमवार से शहर के 24 चिन्हित अवैध भवनों को ध्वस्त करने के अभियान में उतर रही है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सक्रिय
जमशेदपुर अक्षेस के उप प्रशासक कृष्ण कुमार ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेशों का पूरा पालन किया जाएगा और किसी भी अतिक्रमणकर्ता पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन ने पहले इन 24 भवन मालिकों को नोटिस जारी कर स्वयं अवैध हिस्से को हटाने का एक सप्ताह का समय दिया था। समय बीत जाने के बाद भी किसी ने निर्माण नहीं हटाया।
भवन मालिक उठाएंगे ध्वस्त करने का खर्च
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में इस्तेमाल होने वाले बुलडोजर और अन्य खर्च की वसूली सीधे संबंधित भवन मालिकों से की जाएगी। शनिवार को प्रशासन ने संबंधित इलाकों में माइकिंग कर अंतिम चेतावनी भी जारी कर दी।
कई प्रमुख इलाकों में होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने कहा कि साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा और धतकीडीह के रिहायशी और कमर्शियल भवनों पर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को किसी भी बाधा से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
अवैध भवनों की सूची
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार कार्रवाई के दायरे में प्रमुख भवन निम्नलिखित हैं:
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साकची: बजरंग लाल चौधरी (52, SNP एरिया), गिरीश कुमार तिवारी (53, SNP एरिया), एलपीपी चक्रवर्ती (76, SNP एरिया), अशोक मोदी (88, SNP एरिया), सत्यनारायण मारवाड़ी (ठाकुरवाड़ी), पूर्वी बनर्जी (47, न्यू बाराद्वारी), शेख अहमद अली (101, SNP एरिया), कहकशां नाहिद (102, ठाकुरबाड़ी रोड), एससी दास (112, SNP एरिया), एसके सिन्हा (9, SNP एरिया), समर भादुड़ी (26, SNP एरिया), होटल गंगा रीजेंसी (171, काशीडीह), रामअवतार गुलाटी, एसके एकथ, आशीष अग्रवाल (148ए, SNP एरिया), राजेश कुमार चौधरी (96, ठाकुरबाड़ी रोड), अनूप कुमार चटर्जी (104, SNP एरिया)
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बिष्टुपुर: टीके इंडिया रियल एस्टेट (बुलवर्ड रोड), विवेक शर्मा (85, रामदास भट्टा), जवाहर विग (एच 1/9, जे रोड)
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सोनारी: कमल सेठी (21, सर्किट हाउस एरिया), एस. कामेश्वर (52, रोड नंबर 3, कागलनगर)
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कदमा: प्रीति अग्रवाल (95-बी, न्यू रानीकुदर)
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धतकीडीह: मुख्तार अहमद (36, लाइन नंबर 4, ए ब्लॉक)
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोमवार से इस अभियान की शुरुआत की जाएगी और किसी भी अवैध निर्माण के मामले में प्रशासन पूरी कार्रवाई करेगा।