जबलपुर। शहर की जाने-माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का रविवार शाम निधन हो गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर छोटी बहन शांति मिश्रा को सौंपा गया। राइट टाउन स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा निकाली गई, जो गौरीघाट पहुंची, जहाँ बहन और गायत्री परिवार के एक सदस्य ने मुखाग्नि दी।

करोड़ों की संपत्ति पर विवाद

डॉ. श्रीवास्तव के निधन के बाद उनकी करीब 11 हजार वर्गफुट की संपत्ति और लगभग 60 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया है। वारिसों और दान के दावों के बीच प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। अधारताल एसडीएम पंकज मिश्रा के निर्देश पर तहसीलदार संदीप जायसवाल और राजस्व अमले ने डॉ. श्रीवास्तव का मकान सील कर दिया। घर में रह रहे नौकर और उनके परिवार को बाहर किया गया और पांच ताले लगाए गए।

एसडीएम ने कथित दावेदारों—डॉ. दंपती, बहन और नगर निगम—को नोटिस जारी किए हैं। गायत्री परिवार को भी जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को अधारताल तहसील में होगी।

आईएमए ने उठाए सवाल

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी मामले में हस्तक्षेप किया है और आरोप लगाया है कि वृद्धावस्था में डॉ. श्रीवास्तव की शारीरिक व मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, फिर भी उनसे रजिस्ट्री और दान-पत्र बनवाए गए। इसके अलावा, संपत्ति हड़पने के आरोप में डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज है।

ट्रस्ट और दंपती के अलग-अलग दावे

गायत्री मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि डॉ. श्रीवास्तव अपनी संपत्ति ट्रस्ट को देना चाहती थीं। वहीं डॉ. सुमित जैन का कहना है कि 2 जनवरी को उन्होंने जमीन मेमोरियल अस्पताल के लिए अपनी इच्छा से दान की थी।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन नगर निगम की लीज पर पाई गई है और कुछ शर्तों का उल्लंघन हुआ है। नगर निगम को पट्टा निरस्तीकरण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत भी जांच जारी है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि

डॉ. हेमलता के पति और पुत्र का पहले ही निधन हो चुका था। पति के दिसंबर 2025 में गुजरने के बाद वे अकेली रह गई थीं। जनवरी में तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन के निर्देश पर उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

वर्तमान में मामला एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। संपत्ति को लेकर उठे दावों और आरोपों ने यह प्रकरण शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बना दिया है।