उमरिया जिले में विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने का विरोध तेज हो गया है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने इस मुद्दे पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए स्मार्ट मीटर योजना को जनविरोधी करार दिया। एनएसयूआई ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए, क्योंकि इससे आम जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मोहम्मद असलम शेर ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली बिलों में अचानक वृद्धि हो सकती है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक संकट गहराने का खतरा है। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर स्मार्ट मीटर योजना वापस नहीं ली गई, तो एनएसयूआई सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। असलम शेर का कहना है कि यह कदम आम जनता के लिए हानिकारक है और इसे रोका जाना चाहिए।
वार्ड नंबर 4 और 5 के निवासियों ने भी विद्युत विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके घरों में बिना सहमति के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से उनके बिजली बिलों में अनावश्यक वृद्धि हो रही है और वे इस आर्थिक बोझ को वहन करने में असमर्थ हैं। उनका यह भी मानना है कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग में गलतियाँ हो सकती हैं, जिससे बिल और अधिक बढ़ सकते हैं।
ज्ञापन सौंपते समय एनएसयूआई के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग, जैसे कृष्ण कांत तिवारी, ओम तिवारी, संदीप महार, आकाश सोनकर, रोहित कोल, जगदीश प्रसाद जयसवाल सहित कई निवासी मौजूद रहे। एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर विस्तृत चर्चा की मांग की है, ताकि जनता की समस्याओं का समाधान किया जा सके।