पंजाब में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव अब बैलेट पेपर के जरिए ही कराए जाएंगे। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मतदान की तारीख नजदीक होने के कारण अब प्रक्रिया में बदलाव संभव नहीं है।
26 मई को होगा मतदान
राज्य में 105 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए मतदान 26 मई को निर्धारित है। इसी चुनाव को बैलेट पेपर की जगह ईवीएम से कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी।
याचिका में क्या कहा गया
मोहाली निवासी रुचिता गर्ग द्वारा दाखिल जनहित याचिका में मांग की गई थी कि स्थानीय निकाय चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराए जाएं। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव प्रक्रिया को दोबारा बैलेट पेपर प्रणाली में ले जाना व्यावहारिक नहीं है।
इसके साथ ही याचिकाकर्ता ने पंजाब कानून की धारा 64 का हवाला देते हुए कहा कि जहां बैलेट पेपर या बैलेट बॉक्स का उल्लेख है, वहां ईवीएम को भी शामिल माना जा सकता है। दलील में यह भी कहा गया कि ईवीएम को 2002 से कानूनी मान्यता प्राप्त है और अदालतें लगातार इसकी वैधता को बरकरार रखती आई हैं।
निर्वाचन आयोग की दलील
सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने पंजाब सरकार के उस दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि ईवीएम की तैयारी और ट्रेनिंग के लिए 15 दिन का समय चाहिए। आयोग ने अदालत में कहा कि यह काम कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है।
हाईकोर्ट का फैसला
पंजाब सरकार के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने अदालत को बताया कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित हो जाता है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
अब अदालत ने अपने अंतिम आदेश में कहा कि मतदान में केवल कुछ दिन शेष हैं और अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, ऐसे में चुनाव बैलेट पेपर से ही कराए जाएंगे। इसी के साथ हाईकोर्ट ने ईवीएम से जुड़े सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।