राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत के खिलाफ महाराष्ट्र में नासिक के गंगापुर पुलिस थाने में दर्ज हुए मुकदमें को लेकर राजनीति जारी है। वैभव सहित 14 लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र के एक व्यापारी ई-टायलेट का ठेक दिलवाने के नाम पर 6.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। नासिक की स्थानीय अदालत में पेश किए गए इस्तगासा के माध्यम से पुलिस में मामला दर्ज हुआ है।

इस मामले में राजस्थान के भाजपा नेता लगातार सीएम गहलोत पर निशाना साध रहे हैं। सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने एक बयान में कहा कि सीएम को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए । अब तक सीएम ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष नहीं रखा, इससे लगता है कि दाल में कुछ काला है।

भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गहलोत में यदि नैतिकता बची है तो इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वैभव के मामले में छींटे उन तक भी आते हैं। देवनानी ने कहा कि गहलोत सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। भाजपा के ही विधायक रामलाल शर्मा ने एक बयान में कहा कि सीएम की चुप्पी इस बात को साबित करती है कि दाल में कुछ काला है। उन्हे स्पष्टीकरण देना चाहिए कि सच्चाई क्या है। उधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसी भी रूप में वैभव की हिस्सेदारी नहीं है।

वैभव के खाते में एक रुपये का भी कोई लेन-देन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी के खिलाफ भी कोई तथ्य सही पाया गया तो पुलिस की जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं, सीएम के सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहा कि मुकदमा दर्ज होने से कोई चीज प्रमाणित नहीं हो जाती है। राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति अभी से गरमाने लगी है।